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कर्ज में डूबती CCD और पति के मौत के बाद भी नहीं मानी Malavika ने हार! किया कंपनी को Revive

  • Edited By Charanjeet Kaur,
  • Updated: 03 Sep, 2023 01:06 PM
कर्ज में डूबती CCD और पति के मौत के बाद भी नहीं मानी Malavika ने हार! किया कंपनी को Revive

कैफ कॉफी डे का नाम तो सब ने सुना होगा। दोस्तों और पार्टनर के साथ अक्सर लोग वहां पर जाकर किफायती दाम में कॉफी का मजा लेते हैं। इस कॉफी चेन की शुरुआत हुई थी साल 1996 में, जब कार्नाटक में रहने वाले वीजी सिद्धार्थ ने देश में बढ़ते कॉफी कल्चर को देखते हुए इसकी शुरूआत की थी। कॉफी शॉप की ये चेन काफी फेमस हो गई थी, लेकिन जैसे की हर बिजनेस में होता है, कंपनी में कई सारे उतार- चढ़ाव और एक वक्त ऐसे आया जब कंपनी कर्ज में डूबने लगी। सिद्धार्थ ये घाटा बर्दाशत नहीं कर पाए और खुदकुशी कर ली। 7000 करोड़ के कर्ज में डूबने वाली ये कंपनी और साथ में पति की मौत का सदमा... ये सब सिद्धार्थ की पत्नी मालविका हेगड़े को एक साथ झेलना पड़ा, पर उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से कैफे कॉफी डे को फिर से रेस में ला खड़ा किया और आखिरकार कंपनी के अच्छे दिन आ ही गए। आइए आज आपको बताते हैं मालविका हेगड़े की कामयाबी की कहानी के बारे में....

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कर्नाटक के पूर्व सीएम की बेटी हैं मालविका

मालविका खुद भी बहुत ही infulencal background से आती हैं। वो कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा की बेटी हैं। उनका जन्म 1969 में बेंगलुरु शहर में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा वहीं से हुई और फिर बेंगलुरु विश्वविद्यालय  से इंजीनियरिंग की। साल 1991 में वीजी सिद्धार्थ संग उन्होंने सात फेरे लिए। कैफे कॉफी डे की सीईओ बनने से पहले वह कई वर्षों तक सीडीईएल की गैर-बोर्ड सदस्य रही हैं। मालविका के दो बेटे ईशान और अमर्त्य हैं।

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सीईओ के रूप में मालविका ने कर दिखाया कमाल

पति के अचानक साथ छोड़ देने के बाद मालविका ने हिम्मत ना हारते हुए अपनी अद्भुत कार्यक्षमता का प्रदर्सन करते हुए कंपनी को घाटे से निकाला। उनकी कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा ये हुआ कि जो कंपनी 2019 में 7000 करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबी थी, वो बहुत ही कम समय में उभर गई। कंपनी के बयान के मुताबिक मार्च 2021 तक सीसीडी पर 1779 करोड़ रुपये कर्ज रह गया है, जिसमें 1263 करोड़ का लॉन्ग टर्म लोन शामिल था। कैफे कॉफी डे को वापस से मजबूती से खड़ा कर मालविका ने  बिजनेसवुमन के तौर पर अपनी एक अलग छवि बना के दिखाई है। 

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सीसीडी बन गया है भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा 

सीसीडी की शुरुआत चाहे साउथ से हुई थी लेकिन अब ये पूरी देश में प्रसिद्ध कॉफी चेन है। दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत देश के 165 शहरों में इसके 572 कैफे हैं।वहीं कंपनी के 333 एक्सप्रेस कियोस्क भी हैं, जहां लोग रेडी टू टेक आर्डर खरीदते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में 36,326 वेंडिंग मशीन के साथ सीसीडी भारत का सबसे बड़ा कॉफी सर्विंग ब्रांड है।  

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