नारी डेस्क: भारतीय रसोई में नमक एक ऐसी चीज है जिसके बिना भोजन का स्वाद अधूरा माना जाता है। यह केवल खाने का स्वाद बढ़ाने का काम ही नहीं करता, बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों में भी इसकी भूमिका होती है। शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, नसों के सही कामकाज और मांसपेशियों की गतिविधियों के लिए नमक आवश्यक माना जाता है। हालांकि, जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है तो यही नमक धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग अनुशंसित मात्रा से कहीं अधिक नमक का सेवन कर रहे हैं, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
कैसे दिल को नुकसान पहुंचाता है ज्यादा नमक
नमक में मौजूद सोडियम शरीर में पानी को रोककर रखने का काम करता है। जब शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है तो अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इस स्थिति में रक्त वाहिकाओं में बहने वाले खून की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर ऊपर जाने लगता है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है और उसे पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है, हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और कई गंभीर हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।

क्यों कहा जाता है हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’
उच्च रक्तचाप अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के वर्षों तक शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। यही कारण है कि इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हृदय, मस्तिष्क, किडनी और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है। कई बार लोगों को तब तक इसकी जानकारी नहीं होती जब तक कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आ जाती।
हार्ट अटैक का खतरा कैसे बढ़ाता है अधिक नमक
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय के किसी हिस्से तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी अचानक अवरुद्ध हो जाती है। आमतौर पर यह स्थिति तब पैदा होती है जब धमनियों में जमा प्लाक फट जाता है और वहां रक्त का थक्का बन जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिक नमक का सेवन सीधे हार्ट अटैक का कारण नहीं बनता, लेकिन यह हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर इस जोखिम को काफी बढ़ा देता है। लगातार उच्च रक्तचाप धमनियों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनमें कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है और प्लाक बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
समय के साथ धमनियां संकरी होने लगती हैं और हृदय तक रक्त प्रवाह कम हो जाता है। यदि किसी प्लाक के टूटने पर रक्त का थक्का बन जाए तो धमनी पूरी तरह बंद हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो जाती है। दुनियाभर में हुई कई स्टडीज यह संकेत देती हैं कि अधिक सोडियम लेने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है।
सिर्फ नमकदानी नहीं, ये फूड्स भी बढ़ा रहे हैं सोडियम
अधिकतर लोग मानते हैं कि उनके शरीर में सोडियम केवल खाने में डाले जाने वाले नमक से पहुंचता है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। आजकल बड़ी मात्रा में सोडियम प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स के जरिए शरीर में पहुंच रहा है। विशेष रूप से निम्न खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा काफी अधिक हो सकती है।
पैकेज्ड चिप्स और नमकीन स्नैक्स
इंस्टेंट नूडल्स
प्रोसेस्ड मीट उत्पाद
अचार और विभिन्न प्रकार की सॉस
फास्ट फूड आइटम्स
रेडी-टू-ईट पैकेज्ड भोजन
बिस्कुट और बेकरी उत्पाद
इन खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करने वाले लोग अक्सर बिना जाने ही अपनी दैनिक आवश्यकता से कहीं अधिक सोडियम ग्रहण कर लेते हैं।

रोजाना कितना नमक लेना सुरक्षित माना जाता है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। यह लगभग एक छोटी चम्मच नमक के बराबर होता है। वहीं, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार इससे भी कम मात्रा में सोडियम लेने की जरूरत पड़ सकती है।
नमक कम करने के आसान और प्रभावी उपाय
नमक को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा नियंत्रित रखना बेहद आवश्यक है। कुछ आसान आदतें अपनाकर सोडियम का सेवन कम किया जा सकता है। भोजन तैयार होने के बाद ऊपर से अतिरिक्त नमक डालने से बचें। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें। कोई भी पैक्ड सामान खरीदते समय फूड लेबल जरूर पढ़ें और कम सोडियम वाले विकल्प चुनें। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, लहसुन, हर्ब्स और प्राकृतिक मसालों का उपयोग करें। फास्ट फूड और बाहर के खाने की मात्रा कम करें। नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांचते रहें।
छोटी सावधानी, बड़ा फायदा
नमक हमारे शरीर के लिए जरूरी जरूर है, लेकिन इसकी अधिकता कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। अत्यधिक नमक का सेवन धीरे-धीरे हृदय को नुकसान पहुंचाता है और हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक तथा हार्ट फेल्योर जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नमक और सोडियम के सेवन को नियंत्रित करना हृदय को स्वस्थ रखने के सबसे आसान और प्रभावी उपायों में से एक है। सही खानपान और जागरूकता के जरिए दिल से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।