
नारी डेस्क: शुक्रवार रात को राष्ट्रीय राजधानी में ज़ोरदार बारिश और बिजली कड़की। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तूफ़ान आने की चेतावनी दी और लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी। IMD ने बताया कि तूफ़ानी गतिविधियों का एक तेज़ घेरा बन गया है और यह दिल्ली के ऊपर पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यम बारिश, 40-60 kmph की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ और बिजली कड़कने की संभावना है। ये हालात अगले कुछ घंटों तक बने रहने की उम्मीद है।

लोगों को सावधान रहने की जरुरत
मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया था। सावधानी बरतने की सलाह देते हुए, मौसम विभाग ने लोगों से घर के अंदर रहने और खुली जगहों पर न जाने की अपील की। IMD ने कहा- "पूरी दिल्ली और NCR में हल्की से मध्यम बारिश के साथ हल्का तूफ़ान, बिजली कड़कने और 40-50 kmph की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की बहुत ज़्यादा संभावना है।" मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में भी बिजली कड़कने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
हिमाचल के लिए भी चेतावनी जारी
IMD ने हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, और आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में मौसम की गतिविधियों के तेज़ होने की चेतावनी दी है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है, जो चंबा, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और शिमला सहित कई ज़िलों को प्रभावित करेगा। IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला ज़िलों में ओलावृष्टि के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। 20 और 21 अप्रैल के बीच बारिश का एक और दौर आने की संभावना है, जिसके बाद मौसम के काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।

हिमाचल प्रदेश में दर्ज की गई काफी बारिश
IMD ने यह भी बताया कि इस महीने हिमाचल प्रदेश में सामान्य से काफी ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, इस अप्रैल में अब तक राज्य में सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई है। केवल लाहौल-स्पीति और किन्नौर में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि बाकी ज़्यादातर ज़िलों में सामान्य या सामान्य से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले आए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दौर के कारण संवेदनशील इलाकों में पहले ही ओलावृष्टि हो चुकी है। पिछले दौर में कांगड़ा, मंडी, पालमपुर और शिमला व कुल्लू के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हुई थी; सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण इस बार भी वैसी ही स्थिति दोबारा बन सकती है।