नारी डेस्क: नवरात्रि के दौरान व्रत रखना जहां आध्यात्मिक शांति देता है, वहीं कई लोगों को इस समय गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण होता है लंबे समय तक खाली पेट रहना और फिर अचानक गलत या भारी भोजन कर लेना। अगर आप थोड़ी सावधानी रखें, तो इन समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।
व्रत के दौरान गैस बनने के लक्षण
व्रत के समय अगर पेट में लगातार भारीपन महसूस हो, हल्का दर्द बना रहे, या खट्टी डकारें आने लगें, तो यह गैस बनने का संकेत हो सकता है। कई बार पेट फूल जाता है और व्यक्ति को आराम करने या लेटने का मन करता है। इसके अलावा भूख कम लगना भी एक सामान्य लक्षण है। इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर ध्यान देने से समस्या बढ़ने से रोकी जा सकती है।

व्रत खोलते समय हल्का भोजन करें
लंबे समय तक खाली पेट रहने के कारण हमारी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप व्रत खोलते ही भारी, तला-भुना या ज्यादा मसालेदार खाना खा लेते हैं, तो पेट उसे ठीक से पचा नहीं पाता और गैस बनने लगती है। इसलिए व्रत खोलते समय हल्का और सुपाच्य भोजन करना बहुत जरूरी है। आप फल, दही, या हल्की खिचड़ी से शुरुआत कर सकते हैं। इससे पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और पाचन धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है। बाद में आप थोड़ा-थोड़ा करके अन्य चीजें खा सकते हैं, लेकिन शुरुआत हमेशा हल्की रखें।
खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी न पिएं
कई लोग व्रत के दौरान बार-बार चाय या कॉफी पीते हैं ताकि उन्हें ऊर्जा मिलती रहे, लेकिन खाली पेट इनका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे एसिडिटी और गैस की समस्या होने लगती है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। इसके बजाय आप नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे हल्के और ठंडक देने वाले पेय पदार्थ ले सकते हैं। ये न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।
दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें
व्रत के दौरान अक्सर लोग पानी पीना कम कर देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन के कारण पाचन तंत्र सही से काम नहीं कर पाता और गैस बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय नियमित अंतराल में पानी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। गुनगुना पानी पीना पाचन के लिए विशेष रूप से अच्छा माना जाता है, जबकि बहुत ठंडा पानी पेट की समस्या बढ़ा सकता है, इसलिए उससे बचना चाहिए।

गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
व्रत के दौरान कुछ खास चीजें जैसे साबूदाना वड़ा, तले हुए आलू या ज्यादा मसालेदार भोजन खाने का मन करता है, लेकिन ये सभी गैस बनने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। तली-भुनी चीजें पचने में भारी होती हैं और पेट में असहजता पैदा करती हैं। इसलिए इनसे दूरी बनाना बेहतर है। इसके बजाय आप उबले हुए आलू, हल्की मूंगफली, दही या अन्य हल्के और पौष्टिक विकल्प चुन सकते हैं। कम मसाले वाला भोजन पेट के लिए आरामदायक होता है और गैस बनने की संभावना को कम करता है।
व्रत के दौरान सही खान-पान और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आसानी से बच सकते हैं। जरूरी है कि आप अपने शरीर की जरूरतों को समझें और उसी अनुसार भोजन करें। अगर आप इन आसान नियमों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो आपका व्रत आरामदायक और स्वस्थ तरीके से पूरा हो सकता है।