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65 साल की उम्र में मशहूर फिल्ममेकर का हुआ निधन, सिनेमा जगत को लगा बड़ा झटका

  • Edited By Monika,
  • Updated: 08 Sep, 2026 04:54 PM
65 साल की उम्र में मशहूर फिल्ममेकर का हुआ निधन, सिनेमा जगत को लगा बड़ा झटका

नारी डेस्क : मलयालम सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है। जाने-माने फिल्म निर्देशक, स्क्रीनराइटर और कहानीकार आर. शरथ का 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सोमवार को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आखिरी सांस ली। वह कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। FEFKA डायरेक्टर्स यूनियन समेत फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया।

कौन थे आर. शरथ?

आर. शरथ मलयालम सिनेमा के उन फिल्मकारों में शामिल थे, जिन्होंने निर्देशन के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग और कहानी लेखन में भी अपनी पहचान बनाई। उनका काम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विषयों को भी उन्होंने अपनी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के जरिए सामने रखा। उनकी चर्चित फिल्मों में 'सायहनम', 'स्थिति', 'शीलाबती', 'बुद्धनुम चाप्लिनुम चिरिक्कुन्नु', 'स्वयम' और 'पैराडाइज' शामिल हैं। आर. शरथ ने साल 2000 में फिल्म 'सायहनम' से बतौर निर्देशक और स्क्रीनराइटर अपनी पहचान बनाई। इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 'सायहनम' को इंदिरा गांधी अवॉर्ड मिला और साल 2000 में फिल्म ने सात केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड अपने नाम किए। फिल्म को 2001 में म्यूनिख इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतियोगिता खंड में भी प्रदर्शित किया गया था।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिला सम्मान

आर. शरथ का काम सिर्फ भारतीय सिनेमा तक सीमित नहीं रहा। उनकी फिल्म 'The Desire – A Journey of a Woman' ने 2011 में जिनेवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में Best Narrative Feature Film का पुरस्कार जीता। उन्होंने कई शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री पर भी काम किया। उनकी रचनात्मक रुचि सिनेमा के साथ कला, संस्कृति और इतिहास तक फैली हुई थी। आर. शरथ को फिल्मों के अलावा केरल की पारंपरिक म्यूरल पेंटिंग और कला के अध्ययन के लिए भी जाना जाता था। अपनी डॉक्यूमेंट्री 'The Painted Epics' पर काम करते समय उन्होंने राजा रवि वर्मा से जुड़ी कुछ दुर्लभ म्यूरल पेंटिंग्स की खोज की। म्यूरल पेंटिंग पर उनके शोध के लिए उन्हें 1996 में केंद्र सरकार की जूनियर फेलोशिप भी मिली थी।

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भोपाल गैस त्रासदी पर भी बनाई फिल्म

शरथ ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को भी अपनी फिल्मों में जगह दी। उनकी फिल्म 'Burial of Dreams' भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर आधारित थी और इसे राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान मिला। आर. शरथ का जन्म केरल के कोल्लम जिले के विलक्कुडी में हुआ था। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के महात्मा गांधी कॉलेज से अंग्रेजी में ग्रेजुएशन किया और यूनिवर्सिटी कॉलेज से पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से फिल्म एप्रिसिएशन का कोर्स किया। फिल्मों में सक्रिय होने से पहले उन्होंने 'केरल कौमुदी' में पत्रकार के तौर पर काम किया। बाद में वह केरल सरकार के पब्लिक रिलेशंस विभाग से जुड़े और 2021 में डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए।

परिवार में पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए

आर. शरथ अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों और FEFKA डायरेक्टर्स यूनियन ने शोक व्यक्त किया। आर. शरथ का निधन मलयालम सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री, कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपने काम के जरिए ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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