नारी डेस्क: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में इस बार कई बड़े नामों को सम्मान मिला। कार्तिक आर्यन को फिल्म 'चंदू चैंपियन' में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने यह सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी के साथ साझा किया, जिन्हें 'ब्रह्मयुगम' के लिए चुना गया। वहीं यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इन पुरस्कारों के बीच कार्तिक और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अनंत नाग की जिंदगी की कहानियां भी खास हैं।
‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक ने किया जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन
कार्तिक आर्यन ने 'चंदू चैंपियन' के लिए अपने शरीर और फिटनेस पर काफी मेहनत की थी। फिल्म देश के पहले पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित थी। उनका किरदार निभाने के लिए कार्तिक को सिर्फ वजन कम करके फिट नहीं होना था, बल्कि बॉक्सर की बॉडी लैंग्वेज और खेल की बारीकियां भी सीखनी थीं। इसके लिए उन्होंने करीब 14 महीने तक ट्रेनिंग की। नेशनल लेवल के बॉक्सर और फिटनेस कोच त्रिदेव पांडे ने भी उनकी तैयारी में मदद की। 2024 में दैनिक भास्कर से बातचीत में त्रिदेव ने कार्तिक की ट्रेनिंग और डाइट को लेकर कई बातें साझा की थीं।

90 किलो से 69-75 किलो तक लाना था वजन
त्रिदेव पांडे के मुताबिक, जब कार्तिक की ट्रेनिंग शुरू हुई थी, उस समय उनका वजन करीब 90 किलो था। फिल्म की जरूरत के हिसाब से इसे घटाकर लगभग 69 से 75 किलो के बीच लाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि तैयारी सिर्फ वजन घटाने तक सीमित नहीं थी। कार्तिक को पर्दे पर एक असली बॉक्सर जैसा दिखना और महसूस होना था। इसके लिए उनकी ट्रेनिंग में हैंड-आई कोऑर्डिनेशन पर खास ध्यान दिया गया। बॉक्सिंग में सामने वाले की हर छोटी-बड़ी मूवमेंट को तुरंत समझकर प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है। इसी वजह से कार्तिक को पंचिंग के साथ-साथ अपनी नजर और रिफ्लेक्स पर भी लगातार काम करना पड़ा।
ट्रेनिंग में खाए कई पंच, चेहरे और पेट पर लगी चोट
बॉक्सिंग की ट्रेनिंग कार्तिक के लिए आसान नहीं रही। त्रिदेव के मुताबिक, प्रैक्टिस के दौरान कार्तिक को कई बार पंच भी लगे। कुछ मौकों पर उनके चेहरे और पेट पर चोट आई। ट्रेनिंग के दौरान दर्द के बावजूद उन्होंने इसे जारी रखा। कई बार कार्तिक मजाकिया अंदाज में त्रिदेव से कहते थे, 'भाई, आराम से मारो।' लेकिन फिल्म में बॉक्सिंग के सीन को वास्तविक दिखाने के लिए उन्हें लगातार कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा।
ग्वालियर से मुंबई पहुंचे, ऑडिशन के लिए लोकल ट्रेन से करते थे सफर
आज बड़े स्टार के तौर पर पहचाने जाने वाले कार्तिक आर्यन का शुरुआती सफर काफी संघर्ष भरा रहा है। 22 नवंबर 1990 को ग्वालियर में जन्मे कार्तिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आए थे। हालांकि उनके मन में एक्टर बनने का सपना था। कॉलेज के साथ-साथ वह फिल्मों के ऑडिशन देने लगे। कई बार वह बेलापुर से अंधेरी तक लोकल ट्रेन से सफर करते थे। ऑडिशन के लिए कपड़े बदलने की जरूरत पड़ती तो वह स्टेशन के वॉशरूम में ही कपड़े बदल लेते थे। करीब दो-तीन साल तक उनका यही सिलसिला चलता रहा।
पहली फिल्म के लिए मिले थे करीब 70 हजार रुपये
कार्तिक को 'प्यार का पंचनामा' के ऑडिशन की जानकारी फेसबुक के जरिए मिली थी। पहली कोशिश में वह सिलेक्ट नहीं हुए। करीब छह महीने तक कोई फोन नहीं आया, लेकिन उन्होंने कोशिश जारी रखी। यहां तक कि उन्होंने प्रोडक्शन हाउस से अपनी तस्वीरें वापस मांगीं, ताकि आगे दूसरे ऑडिशन में उनका इस्तेमाल कर सकें। बाद में उन्हें दोबारा ऑडिशन के लिए बुलाया गया। कई राउंड के बाद फाइनल ऑडिशन में उन्हें पांच पेज का लंबा मोनोलॉग दिया गया। अगले दिन उसे परफॉर्म करना था। कार्तिक ने इसे याद किया और ऑडिशन पास कर लिया। साल 2011 में रिलीज हुई 'प्यार का पंचनामा' से उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने रजत यानी रज्जो का किरदार निभाया था और उनके लंबे मोनोलॉग ने खूब चर्चा बटोरी। इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 70 हजार रुपये फीस मिली थी।

‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने बदल दी किस्मत
डेब्यू के बाद कार्तिक ने 'आकाशवाणी' और 'कांची' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। एक समय ऐसा भी आया जब कार्तिक को अपने करियर को लेकर चिंता होने लगी थी। फिर 2018 में आई 'सोनू के टीटू की स्वीटी' ने उनके करियर को नई दिशा दी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और कार्तिक की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। इसके बाद 'लुका छुपी' और 'पति पत्नी और वो' जैसी फिल्मों ने उनकी पहचान को और मजबूत किया। 2022 में आई 'भूल भुलैया 2' ने उन्हें बड़े कमर्शियल स्टार्स की कतार में पहुंचा दिया।
इसके बाद कार्तिक ने अलग-अलग तरह के किरदारों पर भी काम किया। 'सत्यप्रेम की कथा' के बाद उन्होंने 'चंदू चैंपियन' में मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाई और इस किरदार के लिए किए गए ट्रांसफॉर्मेशन ने खूब ध्यान खींचा। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' के लिए ममूटी के साथ संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। वहीं यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह इस साल के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों ने सिनेमा के अलग-अलग दौर और भाषाओं से जुड़े कलाकारों को एक ही मंच पर सम्मानित किया।