
नारी डेस्क: भारतीय मिश्रित मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। पाकिस्तान में आयोजित 'स्ट्राइक एशिया चैंपियनशिप' में उन्होंने मेजबान देश के फाइटर मोहम्मद आबिद अली को महज 80 सेकंड में नॉकआउट कर खिताब अपने नाम कर लिया। उनकी इस शानदार जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों को गर्व का एक और मौका दिया है।
मुकाबला शुरू होते ही दिखा संग्राम का आक्रामक अंदाज
19 जुलाई को खेले गए इस मुकाबले की शुरुआत से ही संग्राम सिंह पूरी तरह आक्रामक नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही तेज रफ्तार और सटीक रणनीति के साथ प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मोहम्मद आबिद अली को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिला और संग्राम ने लगातार प्रभावी मूव्स के दम पर मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। महज 1 मिनट 20 सेकंड (80 सेकंड) के भीतर संग्राम सिंह ने आबिद अली को नॉकआउट कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ 'स्ट्राइक एशिया' का खिताब जीता, बल्कि अपने अपराजित पेशेवर रिकॉर्ड को भी कायम रखा।

जीत के बाद देश को किया समर्पित खिताब
खिताब जीतने के बाद संग्राम सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को देशवासियों के नाम समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत भारत के 147 करोड़ लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि जब भी वह रिंग में उतरते हैं तो उनके मन में सिर्फ जीत हासिल करने का लक्ष्य नहीं होता, बल्कि तिरंगे का सम्मान और देश की उम्मीदों पर खरा उतरना भी उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। संग्राम ने कहा, "मेरी यह जीत भारत माता और देश के हर नागरिक को समर्पित है। रिंग में उतरते समय मेरे लिए सिर्फ मुकाबला नहीं, बल्कि देश का सम्मान सबसे पहले होता है।"
युवाओं को खेलों से जोड़ना है मकसद
संग्राम सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल खिताब जीतना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाना भी है। उन्होंने युवाओं से फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और मार्शल आर्ट्स जैसे खेलों में आगे आने की अपील की। उनका मानना है कि खेल न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती भी सिखाते हैं। इसी सोच के साथ वह लगातार युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान में मिली यह जीत संग्राम सिंह के करियर की अहम उपलब्धियों में शामिल हो गई है। महज 80 सेकंड में मुकाबला खत्म कर उन्होंने अपनी तकनीक, अनुभव और दमदार फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भी चुनौती का सामना करने और देश का नाम रोशन करने का दम रखते हैं।
