16 MARMONDAY2026 4:37:30 PM
Nari

भारत में इच्छामृत्यु को मिली अनुमति, जानें भारत समेत दुनिया के देशों में क्या हैं इसके कानून

  • Edited By Monika,
  • Updated: 16 Mar, 2026 03:14 PM
भारत में इच्छामृत्यु को मिली अनुमति, जानें भारत समेत दुनिया के देशों में क्या हैं इसके कानून

नारी डेस्क : भारत में इच्छामृत्यु (Euthanasia) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के एक दंपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके बेटे हरीश राणा के लिए पैसिव इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी है। करीब 12–13 साल से कोमा जैसी स्थिति में पड़े हरीश राणा के मामले में कोर्ट ने माना कि उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस जे.बी. परदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन शामिल थे, ने पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी। इस फैसले के बाद देश में एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि इच्छामृत्यु क्या होती है और भारत सहित दुनिया में इसे लेकर क्या कानून हैं।

क्या होती है इच्छामृत्यु?

इच्छामृत्यु (Euthanasia) वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी ऐसे मरीज का जीवन समाप्त करने की अनुमति दी जाती है जो लंबे समय से गंभीर और असहनीय बीमारी से जूझ रहा हो और जिसके ठीक होने की कोई उम्मीद न हो। ऐसी स्थिति में मरीज या उसके परिवार की सहमति से डॉक्टर इलाज बंद कर देते हैं या ऐसी दवा दी जाती है जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है।

PunjabKesari

इच्छामृत्यु के प्रकार

एक्टिव इच्छामृत्यु (Active Euthanasia): इसमें मरीज को ऐसी दवा या इंजेक्शन दिया जाता है जिससे उसकी तुरंत मौत हो जाए। अधिकतर देशों में यह अब भी अवैध है।

पैसिव इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia): इसमें मरीज का इलाज बंद कर दिया जाता है या वेंटिलेटर जैसी लाइफ सपोर्ट मशीनें हटा दी जाती हैं। इसके बाद कुछ समय में मरीज की मृत्यु हो जाती है।

यें भी पढ़ें : ‘जाओ हरीश वक्त आ गया है’! विदाई से पहले राजयोग, जानें कौन थीं जिंदगी का सबक देने वाली बहन

भारत में क्या कहता है कानून?

भारत में इच्छामृत्यु पूरी तरह से कानूनी नहीं है, लेकिन कुछ सख्त शर्तों के साथ पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी गई है। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में पैसिव इच्छामृत्यु को मंजूरी दी थी। इसके तहत मरीज की स्थिति का आकलन मेडिकल बोर्ड करता है। डॉक्टरों की टीम यह तय करती है कि मरीज के ठीक होने की संभावना है या नहीं। साथ ही परिवार की सहमति भी जरूरी होती है।

PunjabKesari

किन देशों में कानूनी है इच्छामृत्यु?

दुनिया के कई देशों में इच्छामृत्यु को लेकर अलग-अलग कानून हैं।

जहां इच्छामृत्यु कानूनी है
नीदरलैंड्स, बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग और कोलंबिया जैसे देशों में सख्त नियमों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाती है।

यें भी पढ़ें : डायबिटीज मरीजों को बिलकुल नहीं खानी चाहिए ये दाल, खाते ही बढ़ जाएगा Sugar Level

स्विट्ज़रलैंड में अलग व्यवस्था
स्विट्ज़रलैंड में इसे ‘असिस्टेड सुसाइड’ (Assisted Suicide) कहा जाता है। यहां कोई व्यक्ति कानूनी रूप से किसी दूसरे व्यक्ति की आत्महत्या करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह साबित करना जरूरी होता है कि इसमें उसका कोई निजी लाभ नहीं है।

अमेरिका और कनाडा में क्या नियम?

संयुक्त राज्य अमेरिका के कई राज्यों जैसे कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन, ओरेगन और वेरमॉन्ट में सख्त नियमों के साथ इसकी अनुमति दी गई है। वहीं कनाडा ने साल 2016 में इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दे दी थी।

PunjabKesari

जहां अब भी जारी है बहस

कई बड़े देशों में इच्छामृत्यु अभी भी गैरकानूनी है या इस पर बहस जारी है। इनमें यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, रूस और चीन शामिल हैं।

इच्छामृत्यु के लिए क्या होती हैं शर्तें?

जिन देशों में इच्छामृत्यु की अनुमति है, वहां आमतौर पर कुछ जरूरी शर्तें होती हैं।
मरीज की बीमारी लाइलाज और असहनीय हो
डॉक्टर यह प्रमाणित करें कि इलाज से सुधार संभव नहीं
मरीज या परिवार की लिखित अनुमति हो
कई मामलों में दो या अधिक डॉक्टरों की मंजूरी जरूरी होती है।

नाबालिग मरीजों के लिए क्या नियम?

ज्यादातर देशों में 18 साल से कम उम्र के मरीजों को इच्छामृत्यु की अनुमति नहीं दी जाती। हालांकि नीदरलैंड्स और बेल्जियम में कुछ सख्त शर्तों के साथ नाबालिग मरीज भी आवेदन कर सकते हैं।

Related News