
नारी डेस्क: लॉकअप 2' शो इन दिनों और भी इंटरेस्टिंग होता जा रहा है, क्योंकि आए दिन कंटेस्टेंट के कोई न कोई सीक्रेट्स खुल रहे है। अब राम कपूर ने अपने पिता को लेकर ऐसा सीक्रेट खोला जिसके बारे में शायद पहले कोई भी नहीं जानता था। एक्टर ने अपने ही पिता की मौत की प्लानिंग में मदद की जिसे सुनकर हर कोई शॉक्ड है।
63 साल की उम्र में हुआ था पैंक्रियाटिक कैंसर
दरअसल, इस हफ्ते हर कंटेस्टेंट को खाना खरीदने के लिए पैसे के बदले दूसरे कंटेस्टेंट के राज की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई। राम कपूर अपना पहला सीक्रेट बताते है। राम ने बताया कि 63 साल की उम्र में उनके पिता को पैंक्रियाटिक कैंसर का पता चला था। अब क्योंकि कैंसर का ऑपरेशन नहीं हो सकता था तो उनकी कीमोथेरेपी के 18 सेशन हुए जिससे कैंसर लगभग चला गया था। वह फिर 73 तक एक अच्छी लाइफ जिए। लेकिन राम के पिता को दोबारा कैंसर हो गया। डॉक्टर्स को लगा कि वह ठीक हो जाएंगे क्योंकि पहले उन्होंने अच्छा रिस्पॉन्स दिया था ट्रीटमेंट में...लेकिन दूसरी बार में सिचुएशन अलग थी। राम का कहना है कि भले ही उनके पिता काफी अमीर थे लेकिन वह कभी उनकी परछाई बनकर नहीं रहना चाहते थे। राम ने बतौर एक्टर करियर बनाया। लॉकडाउन के वक्त जब उनके पिता को दोबारा कैंसर हुआ तो उनके पापा सिंगापुर में थे।
आखिरी वक्त तक पिता का साथ निभाया
उन्होंने गौतमी को फोन किया और बोला- मुझे राम से बात करनी है। मेरे पापा ने कहा कि उन्होंने डिसाइड कर लिया कि अब उन्हें जाना है। राम ने कहा कि उन्होंने पॉइंट ब्लैंक मेरे को बोला क्या तुम मुझे मरने में मदद कर सकते हो? मेरा पहला रिएक्शन वहीं था, जो दूसरा का होता है। मैंने बोला- आप क्या कह रहे हो? पापा ने राम को कन्विंस किया कि तुम नहीं मदद करोगे तो मैं अकेले मरुंगा।
'क्या तुम मुझे मरने में मदद करोगे
राम ने बताया कि पिता ने उनसे वादा लिया था कि मैं उनके आखिरी पलों में उन्हें अकेले ना छोड़ूं और चाहते थे कि मैं उनके साथ ICU में उनके साथ रहूं। हम दोनों अंदर भर्ती हुए लेकिन किसी को नहीं पता था कि कोई ट्रीटमेंट नहीं चल रहा उनका अस्पताल में। राम ने बताया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि जब उनका निधन हो तब कोई रोए। उन्होंने कहा था कि जिस दिन निधन हो, उसी दिन मुझे दफना दिया जाए। पिता की इच्छा के मुताबिक, राम ने उनकी बात तो मान ली लेकिन इस वजह से उनकी अपनी मां और बहन से दूरिया बढ़ गई। राम ने कहा कि मेरी मां और बहन आजतक मुझसे बात नहीं करती। 5 साल से ज्यादा का समय हो गया। उन्होंने वो सब इमोशनली लिया लेकिन मैंने वहीं किया जो एक बेटा करता है। सब राजा की तरह जीते हैं और वो राजा की तरह मरे। मैं भी अब मौत से नहीं डरता।
आपको क्या लगता है कि राम कपूर ने अपने पिता की यूं मदद करके सही किया या गलत?