नारी डेस्क : कई लोगों को सिर में दर्द नहीं होता, लेकिन फिर भी उन्हें दिनभर सिर भारी, बोझिल या दबाव जैसा महसूस होता रहता है। कभी ऐसा लगता है जैसे सिर पर वजन रखा हो तो कभी शरीर सुस्त और दिमाग थका हुआ महसूस होता है। अक्सर लोग इसे नींद की कमी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसके पीछे शरीर से जुड़ी कोई दूसरी वजह भी हो सकती है।
शरीर में पानी की कमी
अगर आप दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, ज्यादा पसीना आता है या गर्मी में लंबे समय तक रहते हैं तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन के साथ कमजोरी, चक्कर या सिर भारी लगने जैसी शिकायत हो सकती है।

नींद पूरी न होना
लगातार कम नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं। ऐसे में व्यक्ति को सुबह उठने के बाद भी सिर भारी और ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है। अगर रोजाना पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है तो सिर्फ चाय-कॉफी के सहारे थकान दूर करने की कोशिश करने के बजाय नींद की दिनचर्या सुधारना जरूरी है।
तनाव और चिंता
लगातार तनाव में रहने का असर शरीर पर भी दिखाई देता है। चिंता और तनाव के दौरान व्यक्ति को हल्कापन, अस्थिरता या सिर भारी होने जैसा अनुभव हो सकता है। NHS भी तनाव और चिंता को चक्कर या हल्केपन की संभावित वजहों में शामिल करता है।
लो ब्लड प्रेशर
कुछ लोगों को खासकर बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर सिर भारी, चक्कर या कमजोरी महसूस होती है। ऐसा ब्लड प्रेशर अचानक गिरने की वजह से हो सकता है। Mayo Clinic के अनुसार खड़े होने पर ब्लड प्रेशर में गिरावट से चक्कर और सिर में भारीपन जैसा अनुभव हो सकता है।

खून की कमी यानी एनीमिया
अगर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी है तो शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। इसके साथ थकान, कमजोरी, चक्कर और सांस फूलने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं।
कान की अंदरूनी समस्या
हमारे कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कान से जुड़ी कुछ समस्याओं में चक्कर, असंतुलन, सिर भारी लगना या आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस हो सकती हैं। अगर सिर भारी होने के साथ कान में आवाज आना या सुनाई देने में बदलाव भी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में चक्कर, कमजोरी या सिर भारी महसूस हो सकता है। इसलिए अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद यह समस्या अचानक शुरू हुई है, तो डॉक्टर से बात करें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर सिर भारी रहने की समस्या बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी हुई है या रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड प्रेशर, खून की जांच और अन्य परीक्षणों से वजह पता कर सकते हैं। अगर सिर भारी होने के साथ हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, चलने में दिक्कत, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी, अचानक तेज चक्कर, नजर में बदलाव या भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।