
नारी डेस्क: कुछ महीने पहले LPG सिलेंडर को लेकर देश में हाहाकार मच गई है। सिलेंडर की कमी होने के चलते कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है क्याेंकि आज के वक्त में सिलेंडर के बिना गुजारा करना आसान नहीं है। ये भारतीय घरों का एक ज़रूरी हिस्सा हैं और खाना पकाने के लिए इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। इन सिलेंडरों की एक खास बात इनका चटक लाल रंग है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी रंग का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

घरेलू LPG सिलेंडर लाल क्यों होते हैं?
घरेलू LPG सिलेंडर हमेशा लाल रंग के नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए सिंगापुर में नीले रंग के सिलेंडर इस्तेमाल किए जाते हैं। विज़िबल स्पेक्ट्रम में लाल रंग की वेवलेंथ सबसे ज़्यादा होती है। इसलिए, यह दूर से भी दिखाई देता है। लाल रंग का इस्तेमाल किसी भी ऐसी चीज़ के लिए किया जाता है जो खतरनाक या ज़रूरी हो। जैसा कि हम जानते हैं कि LPG बहुत तेज़ी से आग पकड़ने वाली गैस है, इसलिए ग्राहकों की सुरक्षा के लिए इसे लाल रंग से रंगा जाता है।
सिलेंडरों पर निशानों का क्या मतलब है?
कई LPG सिलेंडरों पर लाल रंग के निशान, अक्षर या रंगीन पट्टियां बनी होती हैं, जिनसे सुरक्षा और जांच से जुड़ी ज़रूरी जानकारी का पता चलता है। निर्माता और गैस एजेंसियां इन निशानों का इस्तेमाल सिलेंडर की हालत का पता लगाने और यह पक्का करने के लिए करती हैं कि वह सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। हर LPG सिलेंडर पर A-26, B-27, C-28 या D-29 जैसा एक कोड होता है। यह उस तिमाही और साल को बताता है जब सिलेंडर की अगली सुरक्षा जांच होनी चाहिए। सिलेंडर लेने से पहले हमेशा यह तारीख़ ज़रूर देखें।

रेगुलर टेस्टिंग क्यों ज़रूरी है
LPG सिलेंडर की समय-समय पर टेस्टिंग की जाती है ताकि लीक, जंग, डेंट और स्ट्रक्चरल डैमेज की जांच की जा सके। इन इंस्पेक्शन से यह पक्का करने में मदद मिलती है कि सिलेंडर घर के लिए सुरक्षित रहे।अगर आपको सिलेंडर पर गहरी जंग, डेंट, दरारें या खराब वॉल्व दिखें, तो उसका इस्तेमाल न करें। ऐसे निशान सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं। इस समस्या की जानकारी अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर को दें और तुरंत उसे बदलने का अनुरोध करें।