नारी डेस्क: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़े हिमस्खलन में अब तक चार मज़दूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार अन्य अभी भी लापता हैं। इस हादसे के बाद से राहत और बचाव कार्य जोरों से जारी है। घटनास्थल पर सेना, आईटीबीपी और बीआरओ की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें 46 मज़दूरों को सकुशल बाहर निकाला गया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल चार मज़दूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने बर्फबारी और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए पूरे राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है।
मृतकों की जानकारी
चमोली जिले के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच बजे माणा पास के पास हिमस्खलन हुआ था। बचाव कार्य के दौरान अब तक 46 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से 13 श्रमिकों को शनिवार को रेस्क्यू किया गया। चार श्रमिकों की तलाश जारी है।
सेना और अन्य दलों की मदद
सेना, आईटीबीपी, बीआरओ (सीमांत सड़क संगठन), और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने शनिवार सुबह से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। सेना ने अपने हेलीकॉप्टरों के जरिए 26 श्रमिकों को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) पहुंचाया। इनमें से चार श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य 20 श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
हिमाचल प्रदेश के श्रमिक की पहचान
सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने वीडियो जारी करके चार श्रमिकों की मौत की पुष्टि की। माणा से एक शव ज्योतिर्मठ पहुंचाया गया, जो हिमाचल प्रदेश के मोहिंदर (40 वर्ष) का था।
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
रेस्क्यू टीम ने सभी कंटेनरों को खोज लिया है, जो हिमस्खलन में फंसे थे। इनमें कोई और शव नहीं मिला। दिल्ली से जीपीआर रडार और स्निफर डॉग्स भेजे गए हैं, ताकि लापता श्रमिकों को ढूंढा जा सके।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का दौरा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना स्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षित निकाले गए श्रमिकों की कुशलक्षेम पूछी और अधिकारियों से जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार से बात की और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
अलर्ट जारी
बर्फबारी और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। सभी जिलों के डीएम को स्थिति पर नजर रखने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह से जारी है और बचाव कार्य में सेना, आईटीबीपी और प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।