
नारी डेस्क : शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर हर व्यक्ति को दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन जब यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा होने लगते हैं, तो गाउट (Gout) की समस्या हो सकती है। इसमें अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और प्रभावित जोड़ के गर्म होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अक्सर इसका असर पैर के अंगूठे में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन दर्द सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहता। आइए जानते हैं किन जोड़ों में इसका असर हो सकता है और गाउट अटैक को कैसे पहचानें।
कैसे बढ़ता है यूरिक एसिड और क्यों होता है दर्द?
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे आमतौर पर किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है या शरीर इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाता, तो कुछ लोगों में यह क्रिस्टल का रूप लेकर जोड़ों में जमा हो सकता है। इन नुकीले क्रिस्टल के कारण जोड़ में सूजन और तेज दर्द हो सकता है। इसी स्थिति को गाउट अटैक कहा जाता है। दर्द कई बार अचानक शुरू होता है और रात के समय भी काफी परेशान कर सकता है।
सिर्फ पैर के अंगूठे में नहीं, इन जोड़ों में भी हो सकता है दर्द
लोग अक्सर गाउट को पैर के अंगूठे के दर्द से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असर दूसरे जोड़ों पर भी हो सकता है।
NHS के अनुसार गाउट में इन जगहों पर दर्द और सूजन हो सकती है
पैर का अंगूठा में दर्द
टखना और पैर दर्द
घुटना, कलाई और हाथ
कोहनी में भी दर्द रहता है।
प्रभावित जोड़ के आसपास की त्वचा लाल और गर्म हो सकती है। सूजन के साथ जोड़ में इतनी संवेदनशीलता हो सकती है कि हल्का स्पर्श भी तकलीफदेह लगे।
गाउट के दर्द को कैसे पहचानें?
अगर अचानक किसी जोड़ में बहुत तेज दर्द शुरू हो जाए और उसके साथ सूजन, लालिमा और गर्माहट महसूस हो, तो यह गाउट अटैक का संकेत हो सकता है। खासकर अगर दर्द रात में अचानक शुरू हुआ हो और जोड़ छूने पर बेहद संवेदनशील हो गया हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, शरीर में दर्द का कारण सिर्फ यूरिक एसिड या गाउट ही हो, यह जरूरी नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर जांच जरूरी होती है।
अचानक दर्द होने पर क्या करें?
NHS के अनुसार, गाउट अटैक के दौरान कुछ उपाय दर्द और परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं
डॉक्टर ने गाउट के लिए जो दवा बताई है, उसे निर्देश के अनुसार लें।
प्रभावित जोड़ को आराम दें और संभव हो तो उसे थोड़ा ऊपर रखें।
कपड़े में लपेटकर 20 मिनट तक आइस पैक लगाया जा सकता है।
पर्याप्त पानी पिएं, जब तक डॉक्टर ने पानी सीमित करने की सलाह न दी हो।
प्रभावित जोड़ पर ज्यादा दबाव न पड़ने दें।
अगर पहली बार अचानक इस तरह का तेज दर्द हुआ है, दर्द बार-बार हो रहा है या जोड़ बहुत ज्यादा सूज गया है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। सिर्फ दर्द के आधार पर इसे यूरिक एसिड का दर्द मानकर खुद से दवा लेना सही नहीं है।