
नारी डेस्क : पंजाब के होशियारपुर की 17 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने अपनी शानदार प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर Taipei Open Super 300 महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। लेकिन इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उनकी मां मीना शर्मा का रहा, जिन्होंने बेटी को बचपन से ही बैडमिंटन की बारीकियां सिखाईं।
मां थीं पहली कोच और सबसे बड़ी प्रेरणा
तन्वी शर्मा की मां मीना शर्मा खुद बैडमिंटन से जुड़ी रही हैं। उन्होंने ही तन्वी को पहली बार रैकेट पकड़ना सिखाया और खेल की शुरुआती ट्रेनिंग दी। होशियारपुर के इनडोर स्टेडियम में मां-बेटी घंटों तक अभ्यास करती थीं। मीना शर्मा ने सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने का जज्बा भी बेटी में विकसित किया।

17 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
महज 17 साल 222 दिन की उम्र में तन्वी शर्मा ने यह उपलब्धि हासिल कर नया इतिहास रच दिया। इतनी कम उम्र में Taipei Open Super 300 का महिला सिंगल्स खिताब जीतने वाली वह पहली खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में तन्वी शर्मा ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुई लिन्ह एनगुएन (Thuy Linh Nguyen) को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराया। भारतीय शटलर ने यह मुकाबला महज 36 मिनट में अपने नाम कर लिया और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
परिवार और पंजाब को किया गौरवान्वित
तन्वी के पिता विकास शर्मा एडीसी कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट हैं। बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरा परिवार, होशियारपुर और पंजाब गर्व महसूस कर रहा है। उनकी जीत को भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।