
नारी डेस्क : सलमान खान की जिंदगी में शोहरत के साथ विवाद भी हमेशा चर्चा में रहे हैं। फिल्मों में डेब्यू के बाद उनकी पर्सनल लाइफ, रिश्तों और कोर्ट केस से जुड़ी खबरों ने उनकी पब्लिक इमेज पर काफी असर डाला। अब 'बिग बॉस' के 'वीकेंड का वार' में सलमान ने पहली बार अपनी उस दौर की छवि और उससे बाहर निकलने की कोशिश पर खुलकर बात की।
सलमान के बारे में बनने लगी थी नेगेटिव इमेज
काजी तौकीर से बातचीत के दौरान सलमान खान ने बताया कि 'मैंने प्यार किया' के बाद उनकी पर्सनल लाइफ, रिश्तों, फिल्मों और कोर्ट केस को लेकर मीडिया में उनके बारे में काफी नकारात्मक बातें होने लगी थीं। उनका कहना था कि उस दौर में जब भी वह अखबार खोलते या टीवी देखते थे, तो उन्हें अपने बारे में ज्यादातर नेगेटिव खबरें ही नजर आती थीं। सलमान ने बताया कि इसी दौरान उन्हें टीवी शो '10 का दम' ऑफर हुआ था। हालांकि, शुरुआत में वह यह शो करने के लिए तैयार नहीं थे। उन्हें लगता था कि उनके खिलाफ पहले से ही काफी नेगेटिव माहौल बना हुआ है और ऐसे में रियलिटी शो करना उनके लिए सही फैसला होगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं था।
पिता सलीम खान की सलाह ने बदला फैसला
सलमान ने बताया कि इस स्थिति में उन्होंने अपने पिता सलीम खान से सलाह ली। सलीम खान ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अपनी परवरिश पर भरोसा है। सलमान के हां कहने पर उनके पिता ने उन्हें '10 का दम' करने की सलाह दी और कहा कि शो में वह जैसे असल जिंदगी में हैं, वैसे ही रहें। सलमान ने पिता की सलाह मानी और शो का हिस्सा बने। उनके मुताबिक, '10 का दम' ने लोगों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी असली पर्सनैलिटी देखने का मौका दिया।
एक शो ने लोगों को दिखाया सलमान का दूसरा पक्ष
सलमान ने बताया कि शो के शुरुआती एपिसोड के बाद लोगों को उनकी पर्सनैलिटी का एक अलग पक्ष देखने को मिला। लोग उन्हें सिर्फ फिल्मों में निभाए किरदारों के जरिए नहीं, बल्कि एक रियलिटी शो के होस्ट के तौर पर भी जानने लगे। उन्होंने इस बदलाव की तुलना अमिताभ बच्चन से भी की। सलमान के मुताबिक, जिस तरह अमिताभ बच्चन को लोग फिल्मों के साथ-साथ 'कौन बनेगा करोड़पति' से भी जोड़कर देखने लगे, उसी तरह '10 का दम' ने उनकी पब्लिक इमेज को एक अलग पहचान देने में मदद की। हालांकि, सलमान ने यह भी माना कि इसके बाद भी उनकी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति का सामना किया।