
नारी डेस्क : मौत के साथ ही जीवन की सभी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं। यह धारणा अब चुनौती के घेरे में है। हाल ही में AIIMS Bhopal और Indian Council of Medical Research से जुड़े शोध में सामने आया है कि फांसी से हुई मौत के बाद भी पुरुष के शरीर में लगभग 21.5 घंटे तक शुक्राणु जीवित रह सकते हैं। यानी वैज्ञानिक दृष्टि से मौत के बाद भी व्यक्ति के पिता बनने की संभावना बनी रह सकती है।
क्या कहती है स्टडी
फांसी से हुई मौतों पर आधारित इस रिसर्च को दुनिया का पहला कॉज-स्पेसिफिक ह्यूमन डेटा माना जा रहा है। AIIMS Bhopal के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि मृत्यु के करीब एक दिन बाद तक भी शुक्राणु जीवित रह सकते हैं। इस खोज ने यह धारणा तोड़ी है कि मौत के तुरंत बाद प्रजनन कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। आधुनिक तकनीकों की मदद से अब मरणोपरांत भी संतान प्राप्ति संभव हो सकती है।

50% मामलों में मिले जीवित स्पर्म
अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार, करीब 50% मामलों में मृत्यु के बाद भी जीवित स्पर्म पाए गए, जिनमें से लगभग 44% शुक्राणु सक्रिय और गतिशील थे। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में इनकी जीवन क्षमता 72% तक दर्ज की गई। ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मृत्यु के बाद भी प्रजनन कोशिकाएं अपेक्षा से कहीं अधिक समय तक सुरक्षित रह सकती हैं।
आधुनिक तकनीक से संभव होगा उपयोग
इस शोध में “पोस्ट-मार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PMSR)” तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें मृत्यु के बाद सुरक्षित तरीके से शुक्राणु निकाले जाते हैं। इनका उपयोग Intracytoplasmic Sperm Injection जैसी आधुनिक प्रजनन तकनीकों में किया जा सकता है, जिससे मृत व्यक्ति की संतान प्राप्ति संभव हो सकती है।

250 से ज्यादा प्रक्रियाओं का डेटा
यह अध्ययन Dr. Raghvendra Kumar Vidua के नेतृत्व में किया गया। अब तक 250 से अधिक PMSR प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। इसे दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेट माना जा रहा है। यह शोध Journal of Human Reproductive Sciences में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है।
भारत में बन सकती हैं नई गाइडलाइन
भारत में अभी मरणोपरांत प्रजनन को लेकर स्पष्ट कानून या गाइडलाइन नहीं हैं। ऐसे में यह रिसर्च नीति निर्माण के लिए अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Indian Council of Medical Research को भेजी गई सिफारिशों के आधार पर भविष्य में केंद्र सरकार इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश तैयार कर सकती है। पोस्ट-मार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PMSR) एक प्रक्रिया है, जिसमें किसी पुरुष की मृत्यु के बाद उसके शरीर से शुक्राणु निकाले जाते हैं।
इनका उपयोग आधुनिक फर्टिलिटी तकनीकों के जरिए संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है।