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एक से दूसरी पीढ़ी में फैलता है ब्रेस्ट कैंसर, BRCA Gene Testing से कम कर सकते हैं खतरा

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 13 Dec, 2022 11:26 AM
एक से दूसरी पीढ़ी में फैलता है ब्रेस्ट कैंसर, BRCA Gene Testing से कम कर सकते हैं खतरा

ब्रेस्ट कैंसर इस जानलेवा बीमारी का नाम सुनते ही मन में एक डर पैदा हो जाता है। पिछले कुछ सालों से युवा महिलाएं इस बीमारी का शिकार हो रही हैं, कहा जा रहा है कि हर 29 में से 1 महिला को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है। गंभीर विषय यह है कि 80 फीसदी महिलाएं डॉक्टर्स के पास कैंसर की तीसरी या चौथी स्टेज में पहुंचती हैं, तब तक बहुत देर हो जाती है। इस बीमारी  का सबसे बड़ा कारण है खराब जीवनशैली और खानपान। चलिए आत जानते हैं किन बातों का ध्यान रखकर हम  स्तन कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं।


लक्षणों को पहचानें

भारत की बात करें तो यहां ज्यादातर महिलाएं मानती हैं कि परिवार में ब्रेस्ट कैंसर कभी किसी को नहीं हुआ, इसलिए उन्हे भी नहीं हो सकता। यह गलत धारणा है। ब्रेस्ट कैंसर के 90 फीसदी मामले ऐसी महिलाओं में सामने आते हैं, जिनके घर में कभी किसी को कैंसर नहीं हुआ।  40 साल से बढ़ती उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं, लेकिन अगर आप समय रहते ही इसके लक्षणों को पहचान लेते हैं तो उचित उपचार की मदद से आप इस खतरनाक बीमारी से खुद को बचा सकते हैं।

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BRCA जीन टेस्टिंग है जरूरी

अब बात करते हैं BRCA जीन टेस्टिंग के बारे में, जिसकी मदद से आप स्तन और डिंबग्रंथ कैंसर के बारे में पहले से जान सकते हैं। यह टेस्ट आपको यह बताएगा की आपको कैंसर का कितना अधिक खतरा है। इस टेस्ट को उन्हीं लोगों पर किया जा सकता है जिनके पास स्तन कैंसर का मजबूत परिवार इतिहास है।यह टेस्ट दो जीन्स (BRCA1 और BRCA2) में किसी तरह की गड़बड़ी की जानकारी देता है। 


क्या होता है जीन

जीन्‍स आपके बॉयोलॉजिकल पेरेंट्स से मिले डीएनए के हिस्से हैं और कुछ हेल्‍थ कंडीशन के लिए भी जिम्मेदार हैं। BRCA1 and BRCA2 ऐसे जीन्‍स हैं जो प्रोटीन बनाकर सेल्‍स की रक्षा करते हैं और ट्यूमर को बनने से रोकने में मदद करते हैं। इसलिए इन जीन्‍स को ट्यूमर सप्रेसर जीन्‍स भी कहा जाता है।
जिन व्यक्तियों को जीन्स म्‍यूटेशन विरासत में मिलता है, उनमें सामान्‍य लोगों की तुलना ब्रेस्‍ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के बढ़ने का खतरा अधिक होता है। ज़रूरी नहीं हर उस व्यक्ति को कैंसर हो जिसे BRCA1 या BRCA2 म्‍यूटेशन विरासत में मिला है। लाइफस्‍टाइल और पर्यावरण सहित अन्‍य कारक आपके कैंसर के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।   

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BRCA टेस्ट किसको करवाना चाहिए?

45 वर्ष की उम्र से पहले ब्रेस्‍ट कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री हो।
60 या उससे कम उम्र में ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्‍ट कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
दो या अधिक प्रकार के कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
ओवरियन कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
किसी पुरुष रिश्तेदार में ब्रेस्ट कैंसर का होना। 
BRCA म्यूटेशन के साथ पहले से ही किसी रिश्‍तेदार का डायग्नोसिस होना।
 भाई-बहन या बच्चों जैसे दो या अधिक ब्‍लड रिश्‍तेदारों में कम उम्र में ब्रेस्‍ट कैंसर की हिस्‍ट्री।


कैसे होता है बीआरसीए का ईलाज

बीआरसीए 1 और बीआरसीए 2 म्यूटेशन से संबंधित स्तन कैंसर का उसी तरह से इलाज किया जाता है जैसे सामान्य स्तन कैंसर में होता है।हालांकि, कुछ दवा उपचार अन्य स्तन कैंसर की तुलना में BRCA1 / 2-संबंधित स्तन कैंसर के इलाज में अधिक प्रभावी हो सकती हैं। इस वक्त, कुछ बीआरसीए 1/2-संबंधित मेटास्टेटिक स्तन कैंसर के इलाज के लिए PARP इनहिबिटर ओलापारीब और टेलजोपारिब  का उपयोग किया जा रहा है। 

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जेनेटिक टेस्टिंग का जोखिम

आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक टेस्टिंग उन्हीं महिलाओं के लिए सफल होता है, जिनके परिवार में किसी सदस्य को ब्रेस्ट कैंसर या गर्भाशय कैंसर रहा है या इसका इतिहास रहा हो। ऐसी महिलाएं जिनके परिवार में कभी भी किसी सदस्य को इसका जोखिम नहीं था, उनके लिए इसके परिणाम गलत साबित हो सकते हैं। कुछ मामलों में, BRCA जीन टेस्ट के लिए डीएनए विश्लेषण के लिए नमूने भी लिए जा सकते हैं, जिसके लिए लार या त्वचा बायोप्सी की जरूरत हो सकती है।


बदलें अपना लाइफस्टाइल

कैंसर का समय रहते पता चलने पर इसका इलाज कुछ हद तक संभव है। मगर फिर भी महिलाओं को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। ताकि इस बीमारी की चपेट में आने से बचा जा सके। चलिए जानते हैं इसके बारे में...


- डेली डाइट में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, जूस, सूप आदि शामिल करें।
- रोजाना एक्सरसाइज करें या पैदल चलें। हफ्ते में 3 घंटे दौड़ लगाने या 13 घंटे पैदल चलने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा करीब 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
- गुटका, तंबाकू या धूम्रपान, शराब आदि नशीली चीजें कैंसर के खतरे को बढ़ाने का काम करती है। ऐसे में इससे दूरी बनाकर रखें।
- मोटापा भी बीमारियों की चपेट में आने का एक मुख्य कारण माना जाता है। इसलिए वजन कंट्रोल रखें।
- डिलीवरी के बाद बच्चे को स्तनपान करवाने से  ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। साथ ही वजन कंट्रोल रहने में मदद मिलती है।
- 30 की होने के बाद किसी भी तरह का कोई संशय होने पर बिना देरी किए स्तनों की जांच करवाएं।

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