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आंखें लाल होना बीमारी का संकेत या नॉर्मल बात? जानिए इसका कारण और इलाज भी

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 25 Aug, 2026 11:55 AM
आंखें लाल होना बीमारी का संकेत या नॉर्मल बात? जानिए इसका कारण और इलाज भी

नारी डेस्क: कम नींद, ज़्यादा देर तक स्क्रीन देखना और मौसम बदलने पर होने वाली एलर्जी से आंखें दुख सकती हैं और लाल हो सकती हैं। चाहे वजह मौसम की एलर्जी हो, स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल हो या कोई इन्फेक्शन, आंखों का लाल होना आपके दिन के काम में रुकावट डाल सकता है और आपकी नज़र पर भी असर डाल सकता है। अच्छी बात यह है कि आंखों के लाल होने की ज़्यादातर वजहें मामूली होती हैं और इनका इलाज घर पर ही आसान घरेलू तरीकों से किया जा सकता है। चलिए जानते हैं किस कारण होती हैं आंखें लाल और क्या है इसका इलाज। 

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'रेड आई' कब चिंता का विषय होती है?


लाल या जलन वाली आंख चिंता का कारण नहीं होती, लेकिन कुछ लक्षणों के लिए तुरंत डॉक्टरी सलाह की ज़रूरत होती है। अगर लालिमा कुछ घंटों से लेकर एक दिन से ज़्यादा समय तक बनी रहती है, तो आपको तुरंत डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर लाल आंख के साथ आंख में दर्द, धुंधला दिखना, रोशनी से परेशानी या आंख से पानी/कीचड़ आना जैसे लक्षण हों, तो भी आपको डॉक्टरी मदद की ज़रूरत पड़ सकती है।


लाल और जलन वाली आंखों के कारण

आँख में जलन और लालिमा कई कारणों से हो सकती है, जिनमें एलर्जी, सूखी आंखें (dry eyes), कंजंक्टिवाइटिसऔर अन्य शामिल हैं। नीचे लाल और जलन वाली आँखों के कुछ सबसे आम कारण दिए गए हैं।

एलर्जी : एलर्जी के प्रति हर किसी की प्रतिक्रिया अलग-अलग होती है। परागकणों (pollen), धूल के कणों, पालतू जानवरों या फफूंद (mould) से होने वाली एलर्जी की प्रतिक्रिया आंखों में जलन और लालिमा का कारण बन सकती है। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब एलर्जी शरीर में हिस्टामाइन (histamine) के स्राव को ट्रिगर करती है, जिससे आँखों की रक्त वाहिकाओं में सूजन आ जाती है।

सूखी आंखें : जब आपकी आंखें पर्याप्त आंसू नहीं बनाती हैं या आंसू बहुत तेज़ी से सूख जाते हैं, तो इससे सूखापन, जलन और लालिमा हो सकती है। सूखी आंखों का सबसे असरदार इलाज है स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना, आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेना और स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय कंप्यूटर ग्लास पहनना।

कंजंक्टिवाइटिस (पिंक आई): कंजंक्टिवाइटिस जिसे पिंक आई भी कहा जाता है, उस पतली झिल्ली की सूजन है जो पलक के अंदरूनी हिस्से और आंख के सफेद हिस्से (जिसे स्क्लेरा कहते हैं) को ढंकती है। यह बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण हो सकता है, जिससे अक्सर आँख लाल हो जाती है और उसमें जलन होती है।

डिजिटल आई स्ट्रेन: स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल करने से पलक झपकाने की दर कम हो सकती है, जिससे आंखें सूखी, थकी हुई और लाल हो सकती हैं। यह स्थिति उन लोगों में आम है जो अपना ज़्यादातर समय स्क्रीन के सामने बिताते हैं


कॉन्टैक्ट लेंस से जलन: लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने या उन्हें ठीक से साफ़ न करने से आंखों में जलन और लालिमा हो सकती है। आंख की सतह पर जलन से बेचैनी हो सकती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

बाहरी चीज़ या आंख में चोट: धूल के कण, पलकें या आंख में अचानक चोट लगने से जलन, लालिमा और सूजन हो सकती है। आंख को तुरंत पानी से धोने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर लक्षण बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

ब्लेफेराइटिस (पलकों में सूजन): ब्लेफेराइटिस, जिसे पलकों में सूजन भी कहा जाता है, में पलकों के किनारों पर सूजन आ जाती है। यह आमतौर पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन या त्वचा की समस्याओं जैसे डैंड्रफ या रोसैसिया के कारण होता है। इसके लक्षणों में पलकों के आसपास लालिमा, जलन और पपड़ी जमना शामिल है।

पर्यावरण से जुड़ी परेशानियां:  धुआं, प्रदूषण, परागकण, तेज़ हवाएँ, धूल या केमिकल वाली गैसों के संपर्क में आने से आंखों में जलन और लालिमा हो सकती है। सुरक्षा वाले चश्मे पहनने और इनके संपर्क में कम आने से लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

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लाल आंखों से राहत के लिए घरेलू उपाय

ठंडी सिकाई: बंद आंखों पर साफ़, ठंडी सिकाई करने से सूजन कम हो सकती है और जलन से राहत मिल सकती है। यह रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने में मदद करता है, जिससे लालिमा कम होती है और तुरंत राहत मिलती है।

हाइड्रेशन और आंखों को आराम: खूब पानी पीने और स्क्रीन के सामने बिताए समय के बीच नियमित ब्रेक लेने से सूखापन और थकान कम हो सकती है। पर्याप्त हाइड्रेशन आँसू बनने और आँखों की सेहत में मदद करता है।

पलकों की समस्याओं के लिए गर्म सिकाई: ब्लेफेराइटिस या सूखी आंखों के लिए, गर्म सिकाई गंदगी को हटाने, तेल ग्रंथियों (oil glands) को खोलने और सूजन कम करने में मदद करती है। गर्म पानी में भीगे हुए साफ़ कपड़े का इस्तेमाल करें और इसे धीरे से बंद पलकों पर रखें।


धूल-भरी जगहों से बचें: धुएं, धूल और प्रदूषित जगहों से बचना चाहिए क्योंकि इनसे आँखों में जलन होती है। सूखे कमरों में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने और कॉन्टैक्ट लेंस का सीमित इस्तेमाल करने से आँखों का लालपन काफी कम हो जाता है।
 

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