
नारी डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई में संभावित बाधा का असर अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर भी दिखाई देने लगा है। नेपाल सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम बढ़ा दिए हैं। अचानक बढ़ी कीमतों से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर
सरकार के मुताबिक, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। खासकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ऑयल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए नेपाल में ईंधन के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

नेपाल ऑयल निगम ने बढ़ाए दाम
नेपाल ऑयल निगम ने रविवार देर रात एक बैठक के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के नए रेट जारी किए। बैठक में मिडिल ईस्ट की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों की समीक्षा की गई। इसके बाद पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। निगम ने रात में ही प्रेस रिलीज जारी कर दी और नए रेट तुरंत लागू कर दिए गए। बढ़ी हुई कीमतें रात 12 बजे से प्रभावी हो गईं।
पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की नई कीमतें
नई दरों के अनुसार नेपाल में अब ईंधन पहले से काफी महंगा हो गया है। पेट्रोल की कीमत 31 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 188 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। डीजल की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 196 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 296 रुपये बढ़ाकर 2126 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है।
लोगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
ईंधन की कीमतें बढ़ने से परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की चीजों की लागत भी बढ़ सकती है। इससे नेपाल में महंगाई बढ़ने की संभावना है और आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

भारत से होती है तेल की सप्लाई
नेपाल ऑयल निगम ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बनाए रखने के लिए Indian Oil Corporation का आभार भी जताया है। नेपाल को बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद भारत से ही मिलते हैं। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि ईंधन की खपत को नियंत्रित किया जा सके और भविष्य में संभावित संकट से निपटा जा सके।