
नारी डेस्क : 26 जनवरी 2026 को पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। यह दिन केवल संविधान और लोकतंत्र का ही नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति आस्था, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का भी प्रतीक है। भारत ऐसा देश है, जहां मातृभूमि को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भारत माता को समर्पित मंदिर स्थापित हैं, जहां आध्यात्मिकता के साथ-साथ देशभक्ति की भावना भी जीवंत दिखाई देती है।

देशभर में देवी-देवताओं को समर्पित अनगिनत मंदिर हैं, लेकिन भारत माता को समर्पित ये मंदिर राष्ट्रप्रेम और आध्यात्मिक चेतना का अनोखा संगम हैं। इनमें से कुछ मंदिर ऐतिहासिक रूप से भी बेहद खास माने जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही प्रमुख भारत माता मंदिरों के बारे में।
काशी का भारत माता मंदिर
उत्तर प्रदेश की पावन काशी नगरी में स्थित भारत माता मंदिर देश के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक है। इस मंदिर के गर्भगृह में मकराना के संगमरमर से बना अखंड भारत का विशाल मानचित्र स्थापित है। खास बात यह है कि यहां किसी देवी-देवता की मूर्ति नहीं, बल्कि भारत भूमि की पूजा होती है। इस मंदिर का उद्घाटन महात्मा गांधी ने वर्ष 1936 में किया था। यह मंदिर देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है।

हरिद्वार का भारत माता मंदिर
उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल हरिद्वार में स्थित भारत माता मंदिर को मदर इंडिया टेम्पल के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की स्थापना स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने की थी, जबकि इसका उद्घाटन वर्ष 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था। हरिद्वार के सप्त सरोवर क्षेत्र के पास स्थित यह मंदिर करीब 180 फीट ऊंचा और 8 मंजिला है। मंदिर की हर मंजिल पर देवी-देवताओं की पौराणिक कथाओं के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महान विभूतियों के जीवन से जुड़ी झलकियां देखने को मिलती हैं।

राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक
भारत माता को समर्पित ये मंदिर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष रूप से सजाए जाते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को यह एहसास होता है कि देशभक्ति केवल भावना नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और कर्तव्य का भाव है। ये मंदिर हमें हमारी जिम्मेदारियों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की याद दिलाते हैं।