नारी डेस्क: बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी बेबाक बातों के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में जब उनसे शादी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब काफी मजेदार था। अमीषा ने साफ कहा कि वह सिंगल रहकर खुश हैं और उन्हें अपनी जिंदगी में किसी पार्टनर की कमी महसूस नहीं होती। उनकी बात भले ही मजाकिया अंदाज में कही गई हो, लेकिन इसमें आज के रिश्तों को लेकर एक गंभीर सोच भी नजर आती है। अमीषा का मानना है कि जिंदगी खुशहाल रहने के लिए सिर्फ एक पार्टनर का होना जरूरी नहीं है। प्यार, सम्मान, सुकून, परिवार, दोस्त और अपनी आजादी भी उतनी ही मायने रखती है।
‘मैं सिंगल रहकर बहुत खुश हूं’
जब अमीषा से पूछा गया कि वह आखिर शादी कब करेंगी, तो उन्होंने अपने अंदाज में इसका जवाब दिया। एक्ट्रेस ने कहा कि वह सिंगल रहकर काफी खुश हैं। उनकी जिंदगी में परिवार और दोस्तों का एक बड़ा सर्कल है, जो उन्हें प्यार और अपनापन देता है। अमीषा के मुताबिक, उनकी जिंदगी में करीब 100 परिवार वाले और दोस्त हैं। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि किसी एक व्यक्ति के उनकी जिंदगी में आने से कोई ऐसी कमी पूरी हो जाएगी, जो अभी मौजूद है।

‘एक मर्द को संभालना मेरे बस की बात नहीं’
अमीषा ने इसी बात को अपने चुलबुले अंदाज में आगे बढ़ाते हुए कहा कि एक मर्द को संभालना उनके बस की बात नहीं है। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि अगर उनकी जिंदगी में कोई पुरुष आता है, तो हो सकता है कि उनकी मौजूदा खुशहाल जिंदगी ही बदल जाए। उनका यह जवाब सुनने में भले ही मजाकिया लगे, लेकिन अमीषा ने इसके जरिए यह भी साफ कर दिया कि वह सिर्फ इसलिए शादी नहीं करना चाहतीं क्योंकि समाज में इसे जिंदगी का जरूरी पड़ाव माना जाता है।
रिश्ते में सिर्फ प्यार नहीं, सुकून भी जरूरी
अमीषा की बात को अगर थोड़ा गहराई से देखें तो वह रिश्तों के एक अहम पहलू की ओर इशारा करती है। किसी रिश्ते में जाना सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि सामने वाला आपको पसंद है या नहीं। यह भी जरूरी है कि उसके साथ रहने पर आपकी जिंदगी बेहतर होती है या नहीं। एक अच्छा रिश्ता वही है जिसमें प्यार के साथ सम्मान, भरोसा और सुकून भी मिले। अगर किसी व्यक्ति की मौजूदगी आपकी खुशियों को बढ़ाने के बजाय उन्हें कम करने लगे, तो सिर्फ रिश्ते में बने रहने के लिए उसे ढोना समझदारी नहीं है।
पार्टनर आपकी जिंदगी को छोटा नहीं, बेहतर बनाए
कई बार रिश्ते में आने के बाद लोगों की जिंदगी का संतुलन बिगड़ जाता है। दोस्तों से मिलना कम हो जाता है, परिवार के लिए समय घट जाता है और अपनी पसंद की चीजों को लेकर भी पार्टनर की मंजूरी जरूरी लगने लगती है। शुरुआत में ये चीजें प्यार और परवाह जैसी लग सकती हैं, लेकिन अगर यही सिलसिला लगातार चलता रहे तो धीरे-धीरे घुटन महसूस होने लगती है। एक स्वस्थ रिश्ते में पार्टनर आपकी पुरानी खुशियों और रिश्तों के लिए भी जगह बनाए रखता है।
प्यार के साथ अपनी आजादी भी जरूरी
किसी से प्यार करने का मतलब यह नहीं है कि उसकी पूरी जिंदगी पर अधिकार जमा लिया जाए। रिश्ते में दोनों लोगों की अपनी अलग पहचान, पसंद, दोस्त, परिवार और निजी स्पेस होना बिल्कुल सामान्य है। अगर पार्टनर आपके काम, परिवार, दोस्तों और निजी फैसलों का सम्मान करता है, तो रिश्ता मजबूत होता है। इसके उलट हर बात पर रोक-टोक, शक और जरूरत से ज्यादा दखल रिश्ते में दूरी पैदा कर सकते हैं।

सही इंसान आपकी पूरी दुनिया नहीं बदलेगा
सही पार्टनर जिंदगी में आए तो चीजें मुश्किल होने के बजाय आसान हो सकती हैं। वह आपको यह महसूस नहीं कराएगा कि उसके साथ रहने के लिए आपको अपने बाकी रिश्तों और अपनी पहचान से समझौता करना पड़ेगा। एक खूबसूरत रिश्ते में दो लोग करीब आते हैं, लेकिन अपनी-अपनी पहचान नहीं खोते। पार्टनर आपकी दुनिया को खत्म करने के बजाय उसमें अपनी एक नई जगह बनाता है और आपकी पहले से मौजूद खुशियों का भी सम्मान करता है।
अकेलेपन के डर से रिश्ता बनाना जरूरी नहीं
कई लोग सिर्फ इस डर से रिश्ते में आ जाते हैं कि कहीं वे अकेले न रह जाएं। उन्हें लगता है कि जिंदगी में एक पार्टनर का होना जरूरी है। लेकिन अकेलेपन से बचने के लिए बनाया गया रिश्ता हमेशा खुशी नहीं देता। कभी-कभी इंसान रिश्ते में रहते हुए भी खुद को अकेला महसूस कर सकता है। इसलिए सिर्फ समाज, परिवार या उम्र के दबाव में शादी या रिश्ता चुनने के बजाय यह देखना ज्यादा जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति आपकी जिंदगी में सच में खुशी और सुकून ला रहा है या नहीं।
रिश्ता ऐसा हो जिसमें बोझ नहीं, साथ महसूस हो
अमीषा पटेल की बात का सार यही है कि जिंदगी में पार्टनर का होना जरूरी नहीं, लेकिन अगर कोई आपकी जिंदगी में आता है तो वह सही इंसान होना चाहिए। ऐसा व्यक्ति जो आपकी खुशियों को समझे, आपकी आजादी का सम्मान करे और आपके परिवार व दोस्तों के लिए भी जगह बनाए। आखिर एक रिश्ते का मतलब अपनी पूरी जिंदगी बदल देना नहीं है। खूबसूरत रिश्ता वही है जिसमें दो लोग एक-दूसरे का साथ देते हुए अपनी पहचान और अपनी खुशियां भी बरकरार रख सकें।