नारी डेस्क: हार्ट अटैक या दिल का दौरा आज की तेज़-रफ्तार जिंदगी में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। अक्सर लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल की बीमारी से जुड़ी कुछ चेतावनी देने वाली चीजें हमसे पहले ही संकेत देती हैं। अगर इन संकेतों को समय रहते पहचाना जाए, तो हार्ट अटैक को रोका या समय पर इलाज किया जा सकता है। आइए जानते हैं हार्ट अटैक आने से लगभग 10 दिन पहले शरीर में दिखने वाले 5 अहम इशारे।
लगातार छाती में दर्द या भारीपन
हार्ट अटैक के आने से पहले अक्सर लोग छाती में हल्का या तेज़ दर्द महसूस करते हैं। इसे आमतौर पर “स्ट्रैस या दबाव” के रूप में महसूस किया जाता है। यह दर्द सिर्फ छाती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कंधे, पीठ, हाथ या जबड़े तक फैल सकता है। खासकर अगर ये दर्द कई बार दिन में आता है और आराम करने पर भी नहीं जाता, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

अचानक थकान या कमजोरी
यदि बिना किसी वजह के लगातार थकान महसूस हो रही है या दिनभर कमजोरी बनी रहती है, तो यह दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। हार्ट अटैक से पहले शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता, जिससे मांसपेशियों और अंगों में थकान महसूस होती है। महिलाएं अक्सर इस लक्षण को ज्यादा महसूस करती हैं और इसे सामान्य थकान समझकर अनदेखा कर देती हैं।
सांस लेने में दिक्कत
हार्ट अटैक से पहले सांस लेने में कठिनाई या असामान्य रूप से तेज़ साँस आना भी आम लक्षण है। यह तब होता है जब दिल सही तरीके से ब्लड पंप नहीं कर पाता और फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। अगर हल्का व्यायाम या सामान्य चलने पर भी सांस फूल रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेट में जलन, मतली या अपच
दिल का दौरा सिर्फ छाती तक ही सीमित नहीं होता। कई बार हार्ट अटैक के लक्षण पेट में असहजता, जलन, मतली, उल्टी या अपच के रूप में भी प्रकट हो सकते हैं। लोग इसे अक्सर खाने-पीने की समस्या या गैस की वजह समझ लेते हैं। इसलिए पेट की लगातार समस्याओं को हल्के में लेना भी खतरनाक हो सकता है।
हाथ, कंधे या जबड़े में दर्द
हार्ट अटैक के कुछ संकेत छाती के बाहर भी दिखते हैं। खासकर बाएं हाथ में दर्द या झुनझुनी, कंधे और जबड़े में भारीपन या दर्द आना खतरनाक हो सकता है। यह संकेत बताता है कि दिल को पर्याप्त ब्लड नहीं मिल रहा है। अगर यह दर्द अचानक आता है और बार-बार दोहराता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव और समय पर इलाज
हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, जंक फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से परहेज़, शराब और धूम्रपान से दूरी, और तनाव कम करना दिल की सुरक्षा के लिए मददगार होता है। इसके अलावा, समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच कराना भी महत्वपूर्ण है।
अगर उपरोक्त किसी भी लक्षण को महसूस किया जाए, तो इसे हल्के में न लें। समय पर डॉक्टर की सलाह और जांच से जानलेवा हार्ट अटैक को रोका जा सकता है।