नारी डेस्क: दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजह दिल और नसों से जुड़ी बीमारियां (CVDs) हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के अनुसार, 2022 में CVDs की वजह से लगभग 1.98 करोड़ लोगों की मौत हुई, जो दुनिया भर में हुई कुल मौतों का लगभग 32 प्रतिशत है। WHO के मुताबिक, इनमें से 85 प्रतिशत मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह से हुईं।
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blood Vessels के नहीं दिखते कोई लक्षण
WHO की 31 जुलाई, 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल की बीमारियों से होने वाली ज़्यादातर मौतें (तीन-चौथाई से ज़्यादा) कम और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं, जिनमें से 75% से ज़्यादा मौतें 70 साल से कम उम्र के लोगों की समय से पहले होती हैं। मौत की इतनी ज़्यादा दर के बावजूद, जीवनशैली में आसान बदलाव करके दिल की ज़्यादातर बीमारियों को रोका जा सकता है। अक्सर रक्त वाहिकाओं (blood vessels) की बीमारी के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। दिल का दौरा (heart attack) या स्ट्रोक इस बीमारी का पहला संकेत हो सकता है।
दिल के दौरे के लक्षण
WHO के अनुसार, दिल के दौरे के लक्षण हैं- छाती के बीच में दर्द या बेचैनी, बाहों, बाएं कंधे, कोहनी, जबड़े या पीठ में दर्द या बेचैनी, सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना, जी मिचलाना या उल्टी आना, सिर चकराना या बेहोशी जैसा महसूस होना, ठंडे पसीने आना और चेहरा पीला पड़ जाना। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में सांस फूलने, जी मिचलाने, उल्टी होने और पीठ या जबड़े में दर्द होने की संभावना अधिक होती है।WHO के अनुसार, स्ट्रोक का सबसे आम लक्षण चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी आना है, जो अक्सर शरीर के एक तरफ होता है।
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अन्य लक्षणों पर भी रखें नजर
चेहरे, हाथ या पैर का सुन्न होना, खासकर शरीर के एक तरफ। उलझन होना, बोलने में परेशानी या दूसरों की बात समझने में दिक्कत, एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी, चलने में दिक्कत, चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना या शरीर के अंगों के तालमेल में कमी भी दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। बिना किसी स्पष्ट कारण के तेज़ सिरदर्द, बेहोश हो जाना या चेतना खो देना जिन लोगों को ये लक्षण महसूस हों, उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
बचाव और प्रबंधन के लिए WHO की गाइडलाइंस
WHO के अनुसार, ज़्यादातर कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों (दिल की बीमारियों) को व्यवहार से जुड़े और पर्यावरण से जुड़े जोखिम कारकों को नियंत्रित करके रोका जा सकता है। व्यवहार से जुड़े जोखिम कारक अक्सर लोगों में बीच के जोखिम कारकों के रूप में दिखाई देते हैं: जैसे बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ ब्लड ग्लूकोज़, बढ़ा हुआ ब्लड लिपिड, ज़्यादा वज़न और मोटापा। WHO के अनुसार, जीवनशैली से जुड़े ये मुख्य उपाय हैं: CVD (दिल की बीमारी) का जोखिम कम करने के लिए तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। ब्लड प्रेशर और जोखिम को कम करने के लिए नमक का सेवन कम करें, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करें। WHO के अनुसार, ये मुख्य क्लिनिकल और स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़े उपाय हैं।
नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।