
नारी डेस्क: एक्टर से टेलीविजन प्रेजेंटर बने शेखर सुमन ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद किया, जब उनके बड़े बेटे आयुष को एक गंभीर बीमारी हुई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। शेखर ने बताया कि उस समय उन्हें काम मिलने में बहुत मुश्किल हुई और आखिर में उन्हें टेलीविजन के ऑफ़र स्वीकार करने पड़े, जबकि शुरू में उनकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी क्योंकि उनके पास कोई और चारा नहीं था।

शेखर सुमन के बेटे को हुई थी लाइलाज बीमारी
एक्टर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा- “मुझे पता चला कि मेरा बेटा लाइलाज बीमारी से जूझ रहा है। एक तो उस समय मेरे पास कोई काम नहीं था। ऊपर से हमें इतनी दुखद खबर मिली। मैं पूरी तरह बर्बाद और तबाह हो गया था। मुझे लगा कि ज़िंदगी में अब कुछ नहीं बचा है। मैं इतना नहीं कमा पा रहा था कि उसका ख्याल रख सकूं। मैं घर से भी पैसे नहीं लेना चाहता था, वे बहुत मुश्किल दिन थे,” शेखर ने आगे कहा, "एक दिन मुझे डायरेक्टर आनंद महेंद्रू का फ़ोन आया, उन्होंने बताया कि वे 'देख भाई देख' नाम का एक सीरियल बना रहे हैं। जब मैंने उनसे कहा कि मुझे सीरियल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है, तो उन्होंने मुझसे पहले इस पर विचार करने को कहा और बताया कि जया बच्चन इसे प्रोड्यूस कर रही थीं और कई बड़े लोग इससे जुड़े हुए थे।"
मरना नहीं चाहता था शेखर सुमन का बेटा
आखिरकार शेखर सुमन ने वह प्रोजेक्ट लिया, उसमें अहम भूमिका निभाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालांकि, वह समय मुश्किल था, क्योंकि उनके बेटे आयुष की तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। उन्होंने अपने बेटे को याद करते हुए बताया- "अपनी मौत से पहले, उसने संस्कृत के श्लोक पढ़ना शुरू कर दिया था। वह 11 साल का था, मुझे नहीं पता कि उसने ऐसा कैसे किया। उसने कहा कि उसे सुनहरी रोशनी आती हुई दिखी, उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझसे कहा 'पापा, मैं जाना नहीं चाहता। प्लीज़ मुझे बचा लो।' फिर उसने संस्कृत के कुछ श्लोक पढ़ने शुरू किए और हम घबरा गए। फिर उसने उस समय उसके साथ मौजूद हम सभी लोगों से, जिसमें हमारा ड्राइवर भी शामिल था, कहा कि वह हमसे प्यार करता है। वह एक फरिश्ते जैसा था, वह एक प्यारा बच्चा था।"

एक्टर की पत्नी ने की थी बेटे का सपोर्ट सिस्टम से हटाने की गुज़ारिश
आयुष के आखिरी दिनों को याद करते हुए शेखर सुमन ने बताया कि बच्चे की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उनकी पत्नी, अलका सुमन ने डॉक्टरों से उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाने की गुज़ारिश की। उन्होंने बताया- “उसकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि एक समय पर मेरी पत्नी ने डॉक्टरों से गुजारिश की कि उसे जाने दें। मैंने उससे कहा- ‘तुम क्या कह रही हो? हम आखिर तक लड़ेंगे’ लेकिन उसने कहा- ‘यही अंत है उसे जाने दो वह बहुत तकलीफ में है।’ एक्टर ने कहा- वह एक समझदार मां थी जिसने अपने बेटे की मौत की गुज़ारिश की। वह सही थी हम उसे उस तरह तकलीफ में नहीं देख सकते थे।