06 NOVFRIDAY2026 9:56:41 PM
Nari

दीवाली के पटाखों से दूर रहें ये लोग, नहीं तो ट्रिगर हो सकती है आपकी बीमारी

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 06 Nov, 2026 01:35 PM
दीवाली के पटाखों से दूर रहें ये लोग, नहीं तो ट्रिगर हो सकती है आपकी बीमारी

नारी डेस्क: दिवाली पर खुशियों के साथ अपनी और परिवार की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। हममें से ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि आतिशबाजी और पटाखों से निकलने वाला धुआं और रसायन सांस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। पटाखों को जलाने से फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD) और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी बीमारियां और भी गंभीर हो सकती हैं। 
 

 

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पटाखों का धुआं सेहत के लिए बेहद खतरनाक

 पटाखों के धुएं में मौजूद बारीक कण और हानिकारक गैसें आंखों, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकती हैं। इससे खांसी, सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।  दिवाली पर पटाखों का धुआं हवा के साथ घर के अंदर भी पहुंच सकता है। ऐसे में जब बाहर धुआं ज्यादा हो, तो घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। इससे प्रदूषित हवा का घर में आना कुछ हद तक कम हो सकता है।


जरूर लगाएं मास्क

अगर पटाखों के धुएं के दौरान बाहर जाना जरूरी है, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष प्रमाणित मास्क पहनें। यह हवा में मौजूद कई बारीक कणों से बचाव करने में मदद करता है। साधारण कपड़े या सर्जिकल मास्क बारीक प्रदूषण कणों से उतनी प्रभावी सुरक्षा नहीं देते। पटाखों के धुएं से आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में आंखों को धुएं और उड़ती राख से बचाना जरूरी है। पटाखों का धुआं बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर ज्यादा असर डाल सकता है। खासकर छोटे बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं। इसलिए दिवाली के दौरान उन्हें पटाखों के धुएं के संपर्क में आने से बचाएं।


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इन लोगों को सावधान रहने की जरूरत 

पटाखों के धुएं से अस्थमा और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को पहले से सावधानी बरतनी चाहिए।  प्रदूषण के संपर्क में आने से गले में सूखापन और जलन महसूस हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। पानी पीने से शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। ऐसे में दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। दिवाली पर पूजा-पाठ के दौरान धूप, अगरबत्ती और कपूर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इनसे भी घर के अंदर धुआं और बारीक कण बढ़ सकते हैं। इसलिए अगर बाहर पहले से प्रदूषण ज्यादा है, तो घर के अंदर अतिरिक्त धुआं पैदा करने वाली चीजों का इस्तेमाल सीमित रखें।


पटाखों के धुएं से बचने के लिए इन गलतियों से भी बचें

-प्रदूषण ज्यादा होने पर खुले में एक्सरसाइज न करें।
-धुएं से बचने के लिए केवल साधारण कपड़े का मास्क न पहनें।
-घर में सिगरेट, धूप और अगरबत्ती का धुआं न बढ़ाएं।
-आंखों में जलन होने पर उन्हें बार-बार न रगड़ें।
-सांस की परेशानी होने पर घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज में देरी न करें।
 

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