नारी डेस्क : दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest के करीब पहुंचने का सपना हर एडवेंचर लवर का होता है। हालांकि हर कोई इसकी चोटी तक नहीं पहुंच सकता, लेकिन Mount Everest Base Camp तक का ट्रेक अब भी लाखों लोगों के लिए “ड्रीम जर्नी” बना हुआ है। साल 2026 में अगर आप इस रोमांचक सफर की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानिए इससे जुड़ी जरूरी जानकारी।
कहां से शुरू होती है यात्रा?
एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक की शुरुआत नेपाल की राजधानी Kathmandu से होती है। यहां से ट्रैवलर्स को फ्लाइट के जरिए Lukla Airport पहुंचना पड़ता है। इसके बाद असली ट्रेकिंग शुरू होती है, जिसमें फाकडिंग, Namche Bazaar, देंगबोचे, लोबुचे और गोरकशेप जैसे पड़ाव शामिल होते हैं।

क्या हैं जरूरी नियम और परमिट?
नेपाल सरकार ने ट्रेकर्स की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ अनिवार्य नियम बनाए हैं
सागरमाथा नेशनल पार्क परमिट
खुम्बु पासांग ल्हामू ग्रामीण परमिट
TIMS कार्ड (ट्रेकर्स सूचना प्रबंधन प्रणाली)
इन दस्तावेजों के बिना ट्रेकिंग की अनुमति नहीं दी जाती।
कितने दिनों का होता है ट्रेक?
एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक आमतौर पर 12 से 14 दिनों का होता है। इस दौरान ट्रेकर्स को रोजाना कई घंटे पैदल चलना पड़ता है, इसलिए शारीरिक रूप से फिट होना बेहद जरूरी है।

कितना आता है खर्च?
इस ट्रेक का कुल खर्च आपकी सुविधाओं पर निर्भर करता है, लेकिन औसतन एक व्यक्ति का बजट कुछ इस तरह होता है
काठमांडू-लुक्ला फ्लाइट: ₹30,000 – ₹35,000
परमिट और फीस: ₹5,000 – ₹7,000
गाइड और पोर्टर: ₹20,000 – ₹30,000
रहने और खाने का खर्च: ₹35,000 – ₹50,000
ट्रेकिंग गियर: ₹15,000 – ₹25,000
कुल अनुमानित खर्च: ₹1.1 लाख से ₹1.6 लाख।
कब जाना है सबसे बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार
मार्च से मई (वसंत): मौसम साफ और व्यू शानदार
सितंबर से नवंबर (शरद): आसमान एकदम क्लियर, बेहतरीन दृश्य।

क्यों खास है यह ट्रेक?
एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक न सिर्फ एडवेंचर बल्कि प्रकृति के करीब जाने का मौका भी देता है। बर्फ से ढके पहाड़, शेरपा संस्कृति और हिमालय की भव्यता इसे दुनिया के सबसे खास ट्रेक्स में शामिल करते हैं। अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं और जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, तो एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सही तैयारी, बजट और जानकारी के साथ यह सफर जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बन सकता है।