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महंगे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स ने बिगाड़ा फेस्टिव सेल का खेल, पिछले साल के मुकाबले घटी ऑनलाइन डिलीवरी

  • Edited By Monika,
  • Updated: 19 Oct, 2026 05:59 PM
महंगे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स ने बिगाड़ा फेस्टिव सेल का खेल, पिछले साल के मुकाबले घटी ऑनलाइन डिलीवरी

नारी डेस्क : त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर कंपनियों को इस बार उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज सेल के शुरुआती 10 दिनों में ऑनलाइन डिलीवरी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10-12% कम रहने की बात सामने आई है। ई-कॉमर्स कंपनियों, लॉजिस्टिक्स फर्मों और सीधे ग्राहकों को सामान बेचने वाले ब्रांडों के अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्टफोन, लैपटॉप और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसी महंगी वस्तुओं की मांग कमजोर पड़ रही है। इसकी बड़ी वजह हाल के महीनों में इन उत्पादों की कीमतों में 30-40% तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। महंगे उत्पाद खरीदने से बच रहे ग्राहक या तो खरीदारी टाल रहे हैं या कम कीमत वाले विकल्प चुन रहे हैं, जिसका असर त्योहारी बिक्री पर पड़ रहा है।

पहले चार दिनों में भी बिक्री रही कमजोर

इकोनॉमिक टाइम्स की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सेल की शुरुआत भी अपेक्षाकृत धीमी रही। डेटम इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती चार दिनों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कुल ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) करीब 29,800 करोड़ से 30,900 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा लगभग 33,200 करोड़ रुपये था। इस तरह शुरुआती चार दिनों की बिक्री के कुल मूल्य में सालाना आधार पर करीब 7-10% की गिरावट दर्ज की गई। GMV से आशय प्लेटफॉर्म के जरिए बिकने वाले सामान के कुल मूल्य से है। यह आंकड़ा छूट और रिटर्न का हिसाब लगाने से पहले का होता है। इसलिए GMV में गिरावट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हुई बिक्री के कुल मूल्य में कमजोरी का संकेत देती है।

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स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग पर सबसे ज्यादा असर

त्योहारी सेल के दौरान स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अहम रहती है। कुछ प्लेटफॉर्म पर इन उत्पादों की हिस्सेदारी कुल GMV के आधे से अधिक होती है। ऐसे में इनकी मांग में गिरावट का असर पूरे बिक्री आंकड़े पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि त्योहारी बिक्री की शुरुआती अवधि में स्मार्टफोन की यूनिट बिक्री पिछले साल की तुलना में 16% कम रही। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ग्राहक नए और महंगे मॉडल खरीदने के बजाय पुराने फोन का इस्तेमाल जारी रखने या कम कीमत वाले मॉडल चुनने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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कंपनियों ने क्यों घटाई छूट?

इस बार त्योहारी सेल में ग्राहकों को पिछले साल जैसी भारी छूट भी नहीं मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, औसत डिस्काउंट पिछले साल के मुकाबले 35-40% कम रहे हैं। इसकी एक वजह कंपनियों और विक्रेताओं की बढ़ती लागत बताई जा रही है। इनपुट लागत बढ़ने से ब्रांडों और विक्रेताओं के लिए बड़े स्तर पर छूट देना मुश्किल हो रहा है। कंपनियां अपने मुनाफे और खर्चों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। इसका सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाले ऑफर पर पड़ रहा है। जब उत्पाद पहले से महंगे हों और छूट भी कम मिले, तो खरीदारी का फैसला टालने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है।

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प्रीमियम उत्पादों की खरीदारी टाल रहे ग्राहक

ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, महंगाई और बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार को प्रभावित कर रही हैं। खासकर महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप और घरेलू उपकरण खरीदने वाले ग्राहक अब ज्यादा सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं। कई ग्राहक बेहतर ऑफर का इंतजार कर सकते हैं, जबकि कुछ अपने बजट के अनुसार सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। त्योहारी सीजन को ऑनलाइन रिटेल कारोबार के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवधियों में गिना जाता है। ऐसे में बिक्री की धीमी रफ्तार कंपनियों और ब्रांडों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, पूरे त्योहारी सीजन के अंतिम आंकड़े आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शुरुआती गिरावट का कुल बिक्री पर कितना असर पड़ा।

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