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गठिया सिर्फ बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं, कम उम्र में भी दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

  • Edited By Monika,
  • Updated: 13 Oct, 2026 02:15 PM
गठिया सिर्फ बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं, कम उम्र में भी दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

नारी डेस्क : हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को गठिया और इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। अक्सर गठिया को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। घुटनों में लगातार दर्द, जोड़ों में सूजन और सुबह उठने पर अकड़न जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ऐसे में समय पर जांच, सही इलाज और नियमित व्यायाम के जरिए जोड़ों को स्वस्थ रखने और बीमारी के असर को कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या है गठिया और यह क्यों होता है?

गठिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि जोड़ों को प्रभावित करने वाली कई बीमारियों का समूह है। इसके प्रमुख प्रकारों में ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) और रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) शामिल हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) में जोड़ों की संरचना और कार्टिलेज धीरे-धीरे प्रभावित होने लगते हैं। यह समस्या खासतौर पर घुटनों, कूल्हों और हाथों के जोड़ों में देखी जाती है। उम्र बढ़ने के अलावा जोड़ों पर अधिक दबाव, पुरानी चोट और बढ़ता वजन भी इसका जोखिम बढ़ा सकते हैं। वहीं, रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों की परत पर हमला करने लगती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।

गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

घुटनों में दर्द होने या चलने-फिरने में परेशानी को कई लोग बढ़ती उम्र या थकान का असर मानकर टाल देते हैं। हालांकि, कुछ लक्षण गठिया की ओर भी इशारा कर सकते हैं।
जोड़ों में लगातार दर्द: घुटनों, कूल्हों, हाथों या अन्य जोड़ों में बार-बार दर्द होना।
सुबह उठने पर अकड़न: नींद से जागने के बाद जोड़ों को हिलाने में परेशानी होना, खासकर अगर अकड़न लंबे समय तक बनी रहे।
जोड़ों में सूजन: जोड़ों के आसपास सूजन, गर्माहट या छूने पर दर्द महसूस होना।
सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी: घुटनों में दर्द या अकड़न के कारण सीढ़ियां चढ़ने-उतरने और बैठने-उठने में कठिनाई होना।
चलने-फिरने में दिक्कत: रोजमर्रा के काम करते समय जोड़ों में दर्द या उनकी गतिविधियों में कमी महसूस होना।
अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। केवल लक्षणों के आधार पर गठिया का प्रकार तय नहीं किया जा सकता।

जोड़ों के दर्द और अकड़न को क्यों नहीं करना चाहिए नजरअंदाज?

डॉक्टर के अनुसार, समय पर जांच होने से गठिया के प्रकार की पहचान करने और उचित इलाज शुरू करने में मदद मिलती है। खासतौर पर रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शुरुआती इलाज जोड़ों को होने वाले नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। गठिया का इलाज बीमारी के प्रकार, लक्षणों और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। सही समय पर उपचार न मिलने से दर्द और अकड़न बढ़ सकती है, जिससे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो सकती है।

जोड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

नियमित व्यायाम करें: गठिया से पीड़ित कई लोग दर्द बढ़ने के डर से शारीरिक गतिविधियां बंद कर देते हैं। लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार सही व्यायाम करने से जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने, मांसपेशियों को मजबूत करने और दर्द को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। पैदल चलना, तैराकी और साइकिल चलाना कम प्रभाव वाले व्यायाम के विकल्प हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरेपिस्ट की मदद लें। अगर व्यायाम के दौरान तेज दर्द या सूजन बढ़ती है, तो गतिविधि रोककर डॉक्टर की सलाह लें।

वजन को नियंत्रित रखें: अधिक वजन होने पर घुटनों और कूल्हों के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे दर्द और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे वजन कम करना जोड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

संतुलित आहार लें: अपने भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, प्रोटीन के अच्छे स्रोत और स्वस्थ वसा शामिल करें। कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, किसी भी सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।

जोड़ों पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने, बार-बार भारी सामान उठाने या जोड़ों पर अत्यधिक दबाव डालने से परेशानी बढ़ सकती है। काम के बीच छोटे ब्रेक लें, शरीर की मुद्रा सही रखें और अपनी क्षमता के अनुसार गतिविधियां करें।

विश्व गठिया दिवस क्यों मनाया जाता है?

हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गठिया और अन्य रूमेटिक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके लक्षणों की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करना और सही इलाज के महत्व को समझाना है। गठिया को केवल बढ़ती उम्र की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। अगर जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न बनी रहती है, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। सही जांच, नियमित गतिविधि और उचित उपचार से जोड़ों की सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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