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तीन बच्चों की मौत के बाद भी 'उर्मिला बा' ने नहीं मानी हार, मास्टरशेफ में अपने हुनर से बनाई जगह

  • Edited By Charanjeet Kaur,
  • Updated: 21 Jan, 2023 04:44 PM
तीन बच्चों की मौत के बाद भी 'उर्मिला बा' ने नहीं मानी हार, मास्टरशेफ में अपने हुनर से बनाई जगह

फेमस कुकिंग शो 'मास्टशेफ इंडिया सीजन 7' की कंटेस्टेंट उर्मिला जमनादास 78 साल की हैं। उन्होनें अपनी जिंदगी में कई सारी परेशानियों का सामना किया है, लेकिन उनके जज्बे को देखकर रह कोई हैरान है। उनकी बनाई हुई 'डिश मास्टशेफ इंडिया' के जज शेफ रणवीर बरार, गरिमा अरोड़ा और विकास खन्न को बहुत ज्यादा पसंद भी आई। कई लोग उन्हें 'गुज्जू बेन और बा' के नाम से भी जानते हैं। आज हम आपको बताएंगे उनकी इंस्पिरेशनल स्टोरी। उर्मिला ने उस वक्त अपने पोते हर्ष की मदद कि थी जब उनका बिजेनस डूब रहा था। उन्होनें अपने पोते को  नया बिजेनस आइडिया दिया। जी हां, बिल्कुल सही सुना आपने, जहां लोग इस उम्र में जिंदगी में आराम करना चाहते हैं उर्मिला ने अपने खाना बनाने की पैशन को फोलो करते हुए, अपने पोते के साथ 'गुज्जू बेन ना नास्ता'  नाम का बिजेनस शुरु किया, जब पूरा देश कोविड19 लॉकडाउन में था और सारे काम-धंधे बंद थे। 

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लॉकडाउन  में की पोते के साथ स्नैक बिजनेस की शुरुआत

मुंबई के प्रार्थन समाज रोड पर बने के.एन.भाटिया चॉल में रहने वाली 78 वर्षीय उर्मिला जमनादास आशर ने लॉकडाउन के दौरान अपने पोते के साथ घर पर बने हुए गुजराती खाने का बिजनेस शुरू किया। इसकी वजह ये थी की पोता हर्ष ने एक दुर्घटना में अपर लिप खो दिया। इस घटना के बाद वो डिप्रेशन में चला गया और अपने अच्छे-खासे चलते बिज़नेस से भी हाथ पीछे कर लिया।  घर की खराब आर्थिक स्थित को देखते हुए दादी उर्मिला ने पोते को हिम्मत दी जिसके बाद दोनों दादी-पोते ने मिल कर 'गुज्जू बेन ना नास्ता' के नाम से बिजनेस शुरु कर लोगों को घर-घर घर पर तैयार किया हुआ गुजराती खाना डिलीवरी करना शुरु किया और इससे लोगों का भरपूर प्यार भी मिला, जिसक सबूत है 7 हजार से भी ज्यादा लोग जो दादी का  'गुज्जू बेन ना नास्ता' के सोशल मीडिया पेज को फोलो करते हैं और उनकी वीडियो को पंसद भी करते हैं।  

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जोमैटो, स्विगी में लिस्टिंग से लेकर अपना वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लोगों तक पहुंचने तक दादी के स्नैक्स हर माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं।

उर्मिला दादी रह चुकी हैं टैडक्स स्पीकर 

आपको बता दें की दादी-पोते की जोड़ी महीने के 3 लाख से ज़्यादा की कमाई कर रही है और दादी रोज़ 12-14 घंटे रसोई में ही बिताती हैं। यह बिजनेस मुंबई के चरनी रोड में लोकप्रिय है।वहीं उर्मिला टैडक्स स्पीकर भी हैं और लोगों को मोटीवेट करती हैं।

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लेकिन उनकी खुद की ज़िन्दगी में कई उतार-चढ़ाव आए। उर्मिला की बेटी की सिर्फ़ 2.5 साल की उम्र में मौत हो गई। कई सालों बाद उनका एक बेटा ब्रेन ट्यूमर और दूसरा दिल की बीमारी की वजह से चल बसा। लेकिन उन्होनें कभी हार नहीं मानी और हमेशा परिवार की हिम्मत बनीं। आज भी वो अपने पोते हर्ष की हिम्मत बनकर 78 साल की उम्र में बिजनेस संभाल रही, उनके जज़्बे को सलाम है। 
 

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