
नारी डेस्क: पुणे के लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में नई बातें सामने आई हैं। पुलिस को अहम डिजिटल सबूत मिले हैं जिनसे पहले से सोची-समझी साजिश का संकेत मिलता है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी 20 साल की सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी को फोन किया था। यह कॉल अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से नीचे धकेलने से ठीक 34 मिनट पहले की गई थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह बातचीत अपराध को अंजाम देने से पहले की आखिरी प्लानिंग हो सकती है।

चैट और वॉयस नोट किए डिलीट
यह जानकारी दोनों आरोपियों से ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन की बारीकी से फोरेंसिक जांच के बाद सामने आई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह आखिरी फोन कॉल अब तक मिले सबसे मजबूत डिजिटल सबूतों में से एक है और पुणे ग्रामीण पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस टीम इसकी बारीकी से जांच कर रही है। NDTV के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि बातचीत के दौरान गोयल ने चौधरी को लोहागढ़ किले के अंदर एक व्यू-पॉइंट पर अपनी सही लोकेशन बताई और कन्फर्म किया कि आस-पास कोई और सैलानी नहीं है, जिससे कथित प्लान बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर महीनों के WhatsApp मैसेज, Instagram चैट और वॉयस नोट डिलीट कर दिए थे ताकि उन्हें हत्या की साजिश से जोड़ने वाले किसी भी सबूत को मिटाया जा सके।
डेटा को वापस पाने की कोशिश
साइबर एक्सपर्ट अब फोरेंसिक टूल्स के ज़रिए डिलीट किए गए डेटा को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, पुलिस एक पूरी टाइमलाइन बनाने के लिए मिले डिजिटल रिकॉर्ड की तुलना लोकेशन हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और इंटरनेट IP लॉग से कर रही है। उम्मीद है कि यह सबूत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत पहले से सोची-समझी हत्या के आरोपों को साबित करने में अहम भूमिका निभाएगा। जांच के मुताबिक, अग्रवाल की कथित तौर पर 18 जून को हत्या कर दी गई थी। गोयल, जिसकी नवंबर में उनसे शादी होने वाली थी, ने कथित तौर पर तय किया था कि वह अब इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। इस मामले में चौधरी को भी सह-आरोपी बनाया गया है।

पहले भी केतन को मारने की हुई थी कोशिश
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या की कथित साज़िश मई के आखिर तक पूरी कर ली गई थी। जांच करने वालों को शक है कि अग्रवाल को मारने की एक कोशिश 14 जून को भी की गई थी, जब गोयल ने कथित तौर पर उन्हें उसी चट्टान से नीचे धकेलने की कोशिश की थी। हालांकि, बताया जाता है कि एक झाड़ी को पकड़ लेने की वजह से वह बच गए थे। इस घटना के बारे में गोयल ने कथित तौर पर दावा किया था कि सांप को देखकर प्रतिक्रिया देते समय गलती से उन्होंने अग्रवाल को धक्का दे दिया था। जांच करने वालों का आरोप है कि चार दिन बाद आरोपी ने दूसरी कोशिश की। इस बार, चौधरी कथित तौर पर जोड़े के पीछे-पीछे लोहागढ़ किले तक गए ताकि यह पक्का किया जा सके कि अग्रवाल भाग न पाएं।
फरवरी में ही बना ली थी हत्या की प्लानिंग
सूत्रों के मुताबिक, चेतन चौधरी ने सिया से कहा था कि शादी के लिए कम से कम तीन साल इंतज़ार करे क्योंकि वह अपने करियर में सेटल होना चाहता था। लेकिन सिया की शादी केतन से पहले ही तय हो चुकी थी और नवंबर में होनी थी। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद दोनों ने साज़िश के तहत महाराष्ट्र के पुणे के पास लोहागढ़ किले में केतन को एक घाटी में धकेल दिया, ताकि उन्हें "और समय मिल सके"। परिवार में शोक के कारण हो सकता है कि अगले कुछ सालों तक सिया की शादी की बात न होती और उसे आज़ादी से जीने का मौका मिल जाता, जबकि चेतन अपने करियर पर ध्यान दे पाता। जांच में यह भी पता चला कि सिया और चेतन ने इस साल फरवरी में ही केतन की हत्या की साज़िश रचना शुरू कर दिया था।