नारी डेस्क : मौसम बदलते ही इसका असर हमारी सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगता है। कभी नाक बंद होने लगती है, तो कभी जुकाम, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और खांसी जैसी दिक्कतें परेशान करने लगती हैं। खासकर जब तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होता है, तो कुछ लोगों की सांस की नलियां और गला अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसे में खांसी शुरू होना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बदलते मौसम में आखिर खांसी क्यों होने लगती है और इससे राहत पाने के लिए क्या किया जा सकता है? आइए जानते हैं इसके कारण और कुछ आसान उपाय।
मौसम बदलते ही खांसी क्यों होने लगती है?
सुबह ठंडी हवा, दिन में गर्मी और रात में फिर ठंडक मौसम में इस तरह के बदलाव से कुछ लोगों की सांस की नलियां अधिक संवेदनशील हो सकती हैं। इसके अलावा, बदलते मौसम में वायरल संक्रमण और एलर्जी भी बढ़ सकती है। यही वजह है कि कई लोगों को इस दौरान बार-बार खांसी या गले में खराश की शिकायत होने लगती है।

खांसी के प्रमुख कारण
खांसी अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की एक प्रतिक्रिया है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं,
जैसे, वायरल संक्रमण या कभी-कभी बैक्टीरियल संक्रमण
धूल, परागकण या अन्य चीजों से एलर्जी
अस्थमा, एसिड रिफ्लक्स
धूम्रपान और वायु प्रदूषण
गले या सांस की नलियों में जलन
कुछ अन्य फेफड़ों या सांस से जुड़ी बीमारियां।
खांसी के प्रकार
खांसी हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। आमतौर पर इसे इस तरह समझा जा सकता है
सूखी खांसी: इसमें बलगम नहीं निकलता और गले में खुजली या जलन महसूस हो सकती है।
बलगम वाली खांसी: इसमें सांस की नलियों से बलगम निकलता है। सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमण में यह आम हो सकती है।
एलर्जी से होने वाली खांसी: धूल, परागकण, धुआं या किसी अन्य एलर्जन के संपर्क में आने पर खांसी शुरू हो सकती है।

खांसी में राहत के लिए क्या करें?
शहद: शहद गले की खराश और खांसी को शांत करने में मदद कर सकता है। रात में एक चम्मच शहद लेना कुछ लोगों को राहत दे सकता है। एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।
गर्म तरल पदार्थ: गर्म पानी, सूप या अन्य गर्म तरल पदार्थ गले को आराम देने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकते हैं। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
अदरक: अदरक का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गले की परेशानी में किया जाता है। अदरक वाली गर्म चाय या पानी कुछ लोगों को गले की जलन में आराम दे सकता है।
नमक के पानी से गरारे: गले में खराश या जलन हो तो गुनगुने नमक के पानी से गरारे करने से राहत मिल सकती है। इससे गले की परेशानी कुछ कम हो सकती है।
भाप लेते समय रखें सावधानी: भाप से कुछ लोगों को नाक बंद होने और गले की परेशानी में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन बहुत गर्म भाप लेने से जलने का खतरा रहता है। इसलिए उबलते पानी के बिल्कुल पास जाकर भाप लेने या सिर पर तौलिया रखकर बहुत गर्म भाप लेने से बचें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर खांसी लगातार बनी हुई है, बार-बार लौटती है या इसके साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून आना, तेज बुखार या अचानक हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लंबे समय तक रहने वाली खांसी को केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ध्यान रखें: घरेलू उपाय हल्की खांसी में लक्षणों से राहत देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन खांसी के पीछे अगर कोई बीमारी या संक्रमण है तो उसका सही इलाज कारण के अनुसार ही किया जाता है।