25 SEPFRIDAY2026 3:48:39 AM
Nari

गणेश चतुर्थी पर अनजाने में हो जाए चंद्रमा के दर्शन तो तुरंत करें ये काम, दूर होगा मिथ्या कलंक का डर

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 14 Sep, 2026 01:17 PM
गणेश चतुर्थी पर अनजाने में हो जाए चंद्रमा के दर्शन तो तुरंत करें ये काम, दूर होगा मिथ्या कलंक का डर

नारी डेस्कः गणेश चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की पूजा और उनकी कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन जहां भक्त पूरे विधि-विधान से बप्पा की पूजा करते हैं, वहीं शास्त्रों में गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन करने से बचने की सलाह दी गई है। धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से व्यक्ति पर मिथ्या कलंक लग सकता है। हालांकि, अगर गलती से चंद्रमा दिखाई दे जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस स्थिति से बचाव के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी पर अनजाने में चंद्र दर्शन हो जाए तो क्या करना चाहिए।

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को देखना क्यों माना जाता है अशुभ?

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार चंद्रदेव ने भगवान गणेश के स्वरूप का उपहास किया था। इससे भगवान गणेश क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रमा को क्षय होने का शाप दे दिया। बाद में चंद्रदेव के क्षमा मांगने पर भगवान गणेश ने शाप को सीमित कर दिया। इसी कथा से जुड़ी मान्यता के कारण गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से बचने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गलती से चंद्रमा दिखाई देने पर व्यक्ति को बिना वजह किसी आरोप या बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ उपाय करके इस दोष से राहत पाने की कामना की जा सकती है।

PunjabKesari

गणेशजी को 21 दूर्वा का मुकुट चढ़ाएं

अगर गणेश चतुर्थी के दिन भूल से चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो 21 दूर्वा लेकर उन्हें मौली से बांधकर छोटा-सा मुकुट या गुच्छा बना लें। इसके बाद इसे भगवान गणेश के मस्तक पर अर्पित करें। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, दूर्वा गणेशजी को बेहद प्रिय होती है और इसे अर्पित करने से नकारात्मक प्रभावों से बचाव की कामना की जाती है।

ये भी पढ़ें: विवाह में हो रही है देरी तो हरतालिका तीज पर करें ये उपाय, दूर होंगी शादी की अड़चनें

शिवलिंग का करें अभिषेक

चंद्रमा का संबंध भगवान शिव से भी माना जाता है। ऐसे में चंद्र दर्शन हो जाने पर तांबे या चांदी के पात्र में जल लेकर उसमें थोड़ा कच्चा दूध और चंदन मिलाएं। इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े दोषों को शांत करने में मदद मिलती है।

चंद्र बीज मंत्र का करें जाप

चंद्र दर्शन के बाद भगवान शिव के मंदिर में बैठकर चंद्रदेव के बीज मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। इसके लिए 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करने की मान्यता है। माना जाता है कि इससे मन को शांति मिलती है और चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभावों को कम करने की कामना की जाती है।

मिथ्या कलंक निवारण मंत्र का जाप

धार्मिक मान्यताओं में चतुर्थी के दिन गलती से चंद्रमा देखने पर एक विशेष मंत्र के जाप का भी उल्लेख मिलता है। मंत्र है-

'सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः।'

इस मंत्र का 21, 54 या 108 बार जाप करने की मान्यता है। इसे श्रद्धा के साथ पढ़ने से मिथ्या कलंक से बचाव की कामना की जाती है।

स्यमंतक मणि की कथा सुनें या पढ़ें

चंद्र दर्शन से जुड़े दोष के निवारण के लिए स्यमंतक मणि की कथा सुनने या पढ़ने की भी धार्मिक मान्यता है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी यह कथा श्रीमद्भागवत में मिलती है। मान्यता के अनुसार, कथा का श्रवण करने से झूठे आरोप और कलंक से जुड़े दोष के प्रभाव को कम करने की कामना की जा सकती है।

सफेद चीजों का दान करें

ज्योतिष में चंद्रमा का संबंध सफेद रंग की वस्तुओं से माना जाता है। ऐसे में चंद्र दर्शन हो जाने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में चावल, दूध, मिश्री या सफेद वस्त्र जैसी चीजों का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सफेद वस्तुओं का दान चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए किया जाता है।

PunjabKesari

चांदी के गिलास में पानी पीने की मान्यता

ज्योतिषीय मान्यताओं में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर माना गया हो तो चांदी के गिलास में पानी पीने की सलाह भी दी जाती है। हालांकि, इसे ज्योतिषीय उपाय के रूप में ही देखना चाहिए। इसे किसी बीमारी या मानसिक परेशानी का इलाज नहीं माना जा सकता।

अगली तिथि पर चंद्रमा के दर्शन करने की मान्यता

कुछ पारिवारिक परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि अगर गणेश चतुर्थी के दिन गलती से चंद्रमा दिखाई दे जाए तो अगले दिन पंचमी तिथि पर चंद्रमा के दर्शन किए जा सकते हैं। इस दौरान चंद्रदेव को सम्मानपूर्वक प्रणाम करके उनसे क्षमा मांगने की परंपरा कुछ जगहों पर देखने को मिलती है।

भगवान गणेश से मांगें क्षमा

सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और अनजाने में हुई गलती के लिए उनसे क्षमा मांगें। बप्पा के सामने धूप-दीप जलाकर मोदक और फल अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना कहें। मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से की गई गणेश आराधना से जीवन की परेशानियों को दूर करने का आशीर्वाद मिलता है।

ध्यान रखें कि चंद्र दर्शन और इन उपायों से जुड़ी बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था के रूप में ही लिया जाना चाहिए।  

Related News