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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीनों शूटर पकड़े गए, ट्रेन से भागने की कोशिश नाकाम

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 19 Oct, 2026 01:07 PM
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीनों शूटर पकड़े गए, ट्रेन से भागने की कोशिश नाकाम

 नारी डेस्क:   बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस घटना के बाद फरार तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि तीनों ट्रेन से सफर कर रहे थे, तभी राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और कोटा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले को किस तरह अंजाम दिया गया और इसके पीछे क्या वजह थी। 

पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से पकड़े गए तीनों संदिग्ध

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों संदिग्धों को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सफर करते समय कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दो संदिग्ध हरियाणा के सोनीपत से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरे का संबंध बिहार के बेगूसराय से बताया गया है। हालांकि, उनकी पहचान और इस मामले में प्रत्येक की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग शामिल है। इसलिए मामले में उनकी उम्र और कथित भूमिका से जुड़े विवरणों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि फायरिंग में कौन-कौन सीधे तौर पर शामिल था और किसने किसी अन्य तरह से मदद की। 

मुंबई से भागने के लिए बदला रास्ता

जांच से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फायरिंग के बाद संदिग्धों ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल मुंबई के अंधेरी इलाके में छोड़ दी थी। इसके बाद वे ट्रेन से आगे के सफर पर निकल गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारियों के आधार पर उनकी तलाश की।

बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के बाद राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और कोटा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। कोटा स्टेशन पर पकड़े जाने के बाद संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। अब जांच एजेंसियां उनके सफर के रास्ते, संपर्कों और घटना के बाद की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।  

क्या टाइगर श्रॉफ की पहले से की जा रही थी रेकी

इस मामले में एक अहम पहलू अभिनेता की गतिविधियों पर कथित तौर पर नजर रखे जाने का है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के हवाले से मीडिया में बताया गया कि जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमले से पहले टाइगर श्रॉफ की रेकी की गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों को टाइगर के रविवार को जुहू के फुटबॉल मैदान पर जाने की जानकारी हो सकती थी। आशंका है कि उनकी दिनचर्या के बारे में जानकारी जुटाने के बाद हमले का समय चुना गया। हालांकि, रेकी किसने की, इसकी योजना कहां बनाई गई और इसमें अन्य लोग शामिल थे या नहीं, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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रविवार शाम करीब 7 बजे हुई थी फायरिंग

टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में उस समय गोलीबारी हुई, जब वह फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। गोलीबारी के बाद पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। 

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी जांच

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और कथित ऑडियो सामने आया था, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया गया। इस कथित संदेश में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावे को अपने आप में हमले की जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पुलिस कथित ऑडियो और पोस्ट की प्रामाणिकता के साथ-साथ आरोपियों के संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और किसी गिरोह की इसमें भूमिका थी या नहीं। 

पुलिस पूछताछ में सामने आ सकती हैं अहम जानकारियां

तीनों संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई, हथियार कहां से आए और घटना के बाद फरार होने में किसने मदद की। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

फिलहाल जांच जारी है। पुलिस की पूछताछ और जुटाए गए सबूतों के आधार पर ही हमले की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और संभावित मकसद के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।  

 
 

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