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दुनिया की इकलौती रानी जिसके पास ना पासपोर्ट था ना ड्राइविंग लाइसेंस, बैग के जरिए ही देती थीं सिग्नल

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 09 Sep, 2022 05:55 PM
दुनिया की इकलौती रानी जिसके पास ना पासपोर्ट था ना ड्राइविंग लाइसेंस, बैग के जरिए ही देती थीं सिग्नल

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ का 96 वर्ष की आयु में स्कॉटलैंड के बाल्मोरल महल में निधन हो गया। उनकी जगह पर अब प्रिंस चार्ल्स को राजा बनाया गया है। महारानी एलिजाबेथ, पिछले साल अक्तूबर से स्वास्थय संबंधी दिक्कतों से जूझ रही थी। ब्रिटेन की रानी 'क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय' दुनिया की एक ऐसी रानी थी जिनका रौब और रुतबा सबसे निराला था। 7 दशकों तक उन्होंने राज गद्दी संभाली। ब्रिटिश इतिहास में वह आज तक सबसे अधिक समय तक राज करने वाली रानी रही।

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एलिजाबेथ II सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं बल्कि 14 और देशों की रानी रहीं चुकी है बावजूद इसके रानी के पास अपना पासपोर्ट नहीं था सुनकर आपको भी ताज्जुब हुआ ना...लेकिन ये बात सच है क्वीन के पास ना तो पासपोर्ट था और ना ही ड्राइविंग लाइसेंस क्योंकि सभी ब्रिटिश पासपोर्ट महारानी के नाम से जारी किए जाते हैं इसलिए रानी को यात्रा करने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होती थी, न ही उन्हें अपने वाहन पर लाइसेंस प्लेट या ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती थी। रानी बिना पासपोर्ट के ही 100 से ज्यादा देशों की सैर कर चुकी थी हालांकि ब्रिटिश राजघराने के बाकी सभी सदस्यों के पास पासपोर्ट है जिसका इस्तेमाल वो विदेश यात्रा के दौरान करते हैं।

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क्वीन की लाइफ से जुड़ी ऐसे और भी बहुत से रोचक फैक्ट्स हैं जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते हो।

2. क्वीन ने साल 1945 में ड्राइविंग सीखी लेकिन उनकी कार पर कोई रजिस्टर्ड नंबर प्लेट नहीं थी, बकिंघम पैलेस के बेसमेंट में ही उनका एक निजी एटीएम मशीन हैं जिससे शाही परिवार की कैश की जरूरतें पूरी होती हैं।

3. एलिजाबेथ के फैशन स्टेटमेंट में दस्ताने जरूर होते थे। इसके बिना उनकी शाही पोशाक पूरी नहीं होती। यहां तक कि उनके पर्स में दो एक्सट्रा दस्ताने की जोड़ी भी होती थी। इस दस्तानों को पहनने की मुख्य वजह यहीं थी कि वह रानी को धूल-मिट्टी और कीटाणुओं से सुरक्षा प्रदान करते थे क्योंकि रानी को दर्जनों लोगों से मिलना पड़ता था।  

4. रानी का बैग छूने की सख्त मनाही रही। दरअसल खबरों की मानें तो महारानी अपने अधिकारियों को बैग के जरिए ही सिग्नल देती थी। अगर बैग उनके हाथ के किसी हिस्से पर हो तो इसका मतलब मीटिंग सही चल रही है और अधिकारी बाहर जा सकते हैं लेकिन अगर बैग नीचे हो तो समझा जाता है कि महारानी वहां से निकलना चाहती हैं।

5. क्वीन कभी भी पढ़ने स्कूल और कॉलेज नहीं गई, उनके पिता ने हमेशा अच्छे शिक्षकों द्वारा घर में ही उनकी शिक्षा पूरी कराई।

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6. क्वीन को इनकम टैक्स देने की जरूरत भी नहीं थी  हालांकि फिर भी साल 1992 से वह अपनी मर्जी से अपनी आमदनी पर सरकारी खजाने में टैक्स जमा करा रही थी।

7. क्वीन पर किसी तरह का कोई अदालती मामला नहीं चलाया जा सकता था ना ही उनके खिलाफ कोई सबूत ब्रिटेन की अदालत में पेश किया जा सकता था क्योंकि उन्हें सूचना के अधिकार के तहत भी छूट मिली हुई है।

8. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वीन 4 हजार करोड़ रुपए की निजी संपत्ति की मालकिन थीं। सैंडरिंघम हाउस और बाल्मोरल किला भी रानी की निजी संपत्ति है। आप उनके ग्लैमर्स और लग्जरी लाइफ का इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वह जिस बकिंघम पैलेस में 70 साल रहीं, उसमें 775 कमरे और 78 बाथरूम हैं।

9. क्वीन के ताज पर भारत के कोहिनूर हीरे सहित 2900 कीमती पत्थर जड़े थे जिसकी कीमत करीब 4500 करोड़ रुपए है। ताज के साथ अगर रानी के पास मौजूद दूसरे कीमती पत्थरों की कीमत जोड़ें तो वह करीब 31 हजार करोड़ रुपए है। बता दें कि 1849 में सिखों से हुए दूसरे युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने सिख साम्राज्य के साथ कोहिनूर हीरे पर अपना कब्जा कर लिया था। बाद में इसे लॉर्ड डलहौजी ने कोहिनूर ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया के लिए भेज दिया था।

10. रानी के पास अलग-अलग रंग के 200 से ज्यादा हैंडबैग थे जिसे साथ लेकर ही वह बाहर निकलती थीं।

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11. वह इकलौती क्वीन थी जो साल में दो बार अपना बर्थ डे मनाती थीं वैसे तो उनका जन्म 21 अप्रैल 1926 को लन्दन में हुआ था जिसे वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ मनाती हैं। ब्रिटेन में जब किंग जॉर्ज पंचम का राज था, उस काल मे क्वीन एलिज़ाबेथ का जन्म हुआ। एलिजाबेथ के पिता किंग जॉर्ज छह भी बाद में ब्रिटेन के राजा बने। क्वीन एलिज़ाबेथ का पूरा नाम एलिजाबेथ एलेक्जेंडरा मैरी विंडसर है। लेकिन वह अपना जन्मदिन जून के महीने में मनाती है। इसके पीछे कारण ये है कि हर कॉमनवेल्‍थ कंट्री पारंपरिक तौर पर मई या जून में इनका जन्‍मदिन धूमधाम के साथ मनाते हैं। उनका आधिकारिक जन्मदिन ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा में अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है। ब्रिटेन में हर साल जून के पहले, दूसरे या तीसरे शनिवार को महारानी का जन्मदिन मनाया जाता है और इसकी घोषणा सरकार की ओर से की जाती है जबकि पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में जून के दूसरे सोमवार जबकि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्तूबर के पहले सप्ताह में महारानी एलिजाबेथ का जन्मदिन मनाया जाता है। इसके अलावा न्यूजीलैंड में महारानी का जन्मदिन जून के पहले सोमवार और कनाडा में मई के पहले सोमवार को मनाया जाता है।

12. साल 1947 में क्वीन की शादी फिलिप माउन्टबैटन से हुई और पिता की मृत्यु के बाद साल  1953 में एलिज़ाबेथ ग्रेट ब्रिटेन की रानी बन गई।  6 फरवरी, 1952 को एलिजाबेथ द्वितीय ब्रिटेन की महारानी नियुक्त हुईं, 2 जून 1953 को उनका आधिकारिक रूप से राज्याभिषेक किया गया।

13. क्वीन को घोड़े और कुत्ते बहुत पसंद थे। वह अक्सर उनके साथ वक्त बिताती थी। वह हर साल लगभग 25 घोड़ों को ट्रेनिंग दिलाती थीं और उनके साथ हॉर्स रेस के लिए जाती हैं। 2013 में उनके घोड़े ने गोल्ड कप जीता था।

तो थी ना यह ब्रिटेन की युवा रानी से जुड़ी कुछ मजेदार बातें जो शायद आप अभी तक नहीं जानते थे।

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