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Rohtak

ड्रेन में गंदगी डालने पर कटेगा चालान, 5000 जुर्माना व सजा का है प्रावधान

  • Edited By Pooja Saini,
  • Updated: 19 Jun, 2019 02:43 PM
ड्रेन में गंदगी डालने पर कटेगा चालान, 5000 जुर्माना व सजा का है प्रावधान

रोहतक(अमरदीप): कुई से गंदगी निकालकर उसे ड्रेन में डालकर प्रदूषण करने वाले सीवरेज टैंकरों के सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी हुए हैं। आदेशों में कहा गया है कि जो भी टैंकर गंदगी को ड्रेन में डालता है टैंकर मालिक का तुरंत चालान किया जाए। नियमों की उल्लंघना करने वाले टैंकर मालिक पर 5 हजार रुपए प्रति टैंकर के जुर्माने का प्रावधान है और 6 माह की सजा भी हो सकती है।

उपायुक्त ने एन.जी.टी. के निर्देशों की अनुपालना में सोलिड वेस्ट मैनेजमैंट रूल्स 2016, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट रूल्स 2016 और बायोमैडीकल वेस्ट रूल्स 2016 के सम्बंध में अधिकारियों की बैठक भी ली। उपायुक्त ने कहा कि नगर निगम रोहतक के सीवरेज के अवैध निपटान को नियंत्रित करने, सीवरेज टैंकरों के सप्लायरों का पंजीकरण करने और नजदीक के सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट में डिस्पोजल के लिए इच्छुक टैंकर सप्लायर 30 जून से पहले अपना रजिस्ट्रेशन नगर निगम में करवा सकते हैं।

बिना रजिस्टे्रशन के चलने वाले टैंकर सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में जारी किए गए आदेश निगम की वैबसाइट पर देखे जा सकते हैं। इसके अलावा इन आदेशों की प्रति नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक से भी प्राप्त की जा सकती है। 

सभी अस्पतालों की होगी जांच
डी.सी. ने सिविल सर्जन को निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी अस्पतालों की जांच की जाए कि वे बायोमैडीकल वेस्ट का नियमानुसार निष्पादन कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगर बारात घरों में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है तो उनके भी चालान काटे जाए। बारात घरों में प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर कम से कम 25 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। उपायुक्त ने 2 टूक शब्दों में कहा कि जो भी अधिकारी एन.जी.टी. के कैलेंडर के मुताबिक कार्य नहीं करेगा तो उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अवकाश के लिए अधिकारियों को लेनी होगी पूर्व अनुमति
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जो भी विभागाध्यक्ष अवकाश लेना चाहता है तो इसके लिए उसे पूर्व अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि कुछ अधिकारी आर.टी.आई. कमीशन, कोर्ट व राइट टू सर्विस कमीशन के यहां पेशी होने पर बिना अनुमति लिए स्टेशन को छोड़ देते हैं। उन्होंने स्पष्टï निर्देश दिए कि भविष्य में विभागाध्यक्ष को कहीं बाहर जाना है तो उसे अवकाश की पूर्व स्वीकृति लेनी होगी।

बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि हवा, पानी अथवा जमीन में गंदगी फैलाना सीधे रूप से नियमों का उल्लंघन है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, नगर निगम के डी.डी.पी. के.के. वाष्र्णेय, ए.टी.पी. तिलकराज, नगर पालिकाओं के सचिव आदि मौजूद थे।

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