25 APRTHURSDAY2019 7:21:14 AM
Nari

भारत में खतरनाक जीका वायरस की दस्तक, ऐसे करें बचाव

  • Edited By Punjab Kesari,
  • Updated: 29 May, 2017 10:32 AM
भारत में खतरनाक जीका वायरस की दस्तक, ऐसे करें बचाव

पंजाब केसरी(सेहत): मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में सब लोग जानते हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन की ओर से हर साल कई तरह की कोशिशें की जाती हैं। लोगों को इस तरह के संक्रमण से बचने के लिए कई हिदायतें और सावधानियां बरतने को कहा जाता है। डेंगू और चिकनगुनिया की तरह मच्छरों से फैलने वाला एक ओर वायरस भारत में दस्तक दे चुका है, जिसे जीका वायरस के नाम से जाना जाता है। 

PunjabKesari
हाल ही में भारत में इस वायरस की पुष्टि कर दी गई है। विश्व स्वास्थ संगठन की ओर से भारत में जीका वायरस के तीन मामलों की पुष्टि कर दी गई है। यह तीनों केस अहमदाबाद के बापूनगर में सामने आए है हालांकि अच्छी बात यह है कि तीनों रोगी बिल्कुल स्वस्थ्य हैं। डब्ल्यू.एच.ओ. के एक वक्तव्य के अनुसार, 64-वर्षीय एक पुरुष, एक बच्चे को जन्म देने वाली 34 वर्षीय महिला और 22-वर्षीय एक गर्भवती महिला जीका वायरस से ग्रस्त पाई गई। यह तीनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हालांकि, डब्ल्यू.एच.ओ. ने इस बार की भी पुष्टि की है कि इस वायरस के चलते भारत के लिए किसी यात्रा या व्यापार पाबंदी नहीं लगाई गई। 


क्या है जीका वायरस?
जीका वायरस एंडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है। यहीं मच्छर यैलो फीवर, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी फैलाता है। भारत में इससे पहले कभी जीका वायरस के बारे में कोई मामले सामने नहीं आया था। पहली बार यहां पर इस वायरस की पुष्टि हुई है। जीका वायरस सबसे ज्यादा नवजात बच्चों या गर्भ में पल रहे शिशु को अपना शिकार बनाता है जो बच्चों को दिमागी रूप से विकलांग बना देता है। इसके  अलावा बच्चे का शारीरिक रूप से विकलांग होने का डर भी रहता है। ऐसे बच्चों को सारी जिंदगी खास देखभाल की जरूरत पड़ती है। भारत से पहले यह वायरस ब्राजील,युगांडा,अफ्रीका,न्यू कैलिडोनिया और पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में भी अपना प्रभाव दिखा चुका हैं। वैज्ञानिक तौर पर इस वायरस को रोकने में सफलता हासिल नहीं की है।

PunjabKesari
जीका वायरस के लक्षण
इसके लक्षण एकदम से सामने नहीं आते। यह धीरे-धीरे महसूस होने शुरू होते हैं। 
1. हाथ और पांवों में जलन
2. बुखार,आंखों में जलन
3. खुजली और जोड़ों का दर्द
4. हाथ और पांव में सूजन

जीका वायरस की चपेट में आए बच्चों का दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता और उन्हें सारी जिंदगी खास देखभाल की जरूरत पड़ती है।

PunjabKesari
ऐसे करें खुद का बचाव
अभी जीका वायरस का डाक्टरी इलाज में कोई सफलता नहीं मिली है। इसलिए जितना हो सकें इससे खुद का बचाव रखें। 
1. शरीर को कपड़ों से पूरी तरह से ढक कर रखें।
2. घर के आसपास पानी जमा न होने दें। 
3. मच्छरों से बचने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें। 
4. हल्के रंगों के कपड़े पहनें। 
5. सुबह शाम मोस्कीटो किलर का इस्तेमाल करें।
6. जीका वायरस की चपेट में आए देशों की यात्रा ना करें। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं ऐसी जगहों पर सफर ना करें। 
7. बैड नेट का इस्तेमाल करें
8. अगर 2 हफ्तों से ज्यादा बुखार रहे तो एक बार टेस्ट जरूर करवाएं। 

 

Related News

From The Web

ad