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सैनिटरी नैपकिन के गलत इस्तेमाल से हो सकती है गंभीर बीमारियां

  • Edited By Harpreet,
  • Updated: 28 Nov, 2019 06:47 PM
सैनिटरी नैपकिन के गलत इस्तेमाल से हो सकती है गंभीर बीमारियां

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने की मुहिम काफी देर से चली हुई है। आज भी पिछड़े वर्ग की औरतें माहवारी के दिनों में कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, जिस वजह से उन्हें कई तरह की हेल्थ प्रॉबल्म फेस करनी पड़ती हैं। हाल ही में नाइन फाउंडेशन द्वारा मुहिम शुरु की गई जिसमें महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सैनिटरी नैपकिन को रिसाइकल करने की सलाह दी जा रही है।

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असल में सैनिटरी पैड्स के इस्तेमाल के बाद इसे यूं ही फेंक देने से पर्यावरण को बहुत हानि पहुंच रही है। शोध के अनुसार एक महिला माहवारी के कुल चक्र में लगभग 125 किलोग्राम गैर जैविक अपशिष्ट उत्पन्न करती है। सैनिटरी पैड्स प्लास्टिक के बने होने की वजह से इस्तेमाल के बाद एक नैपकिन को विघटित होने में लगभग 500 से 800 वर्ष लग जाते हैं, जो एक बहुत ही गंभीर समस्या बनती जा रही है।

 

नाइन फाउंडेशन के द्वारा महिलाओं को जो पैड्स उपलब्ध करवाए जाते हैं, उसके साथ वह अब से डिस्पोजेबल पाउच देना प्रारम्भ करेगी। पैड को इस्तेमाल करने के बाद मोड़कर पाउच में डालकर ही कूड़ेदान में डालना चाहिए। पाउच में रखे होने की वजह से इसको कूड़ेदान में पहचानने दिक्कत नहीं होती और फलस्वरूप इनको पुनः रिसाइकिल करना आसान काम होगा।

सैनिटरी नैपकिन से हो सकती  है ये बीमारियां

फाउंडेशन के अनुसार अधिकतर महिलाएं 12 से 15 घंटे तक एक ही सैनिटरी नैपकिन पेपर का इस्तेमाल करती है जिससे महिलाओं में होने वाले इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से गुप्तांगों में सूजन, यूटेरस इंफेक्शन, बांझपन जैसी घातक बीमारियां हो सकती है। इसलिए हर 6 से 8 घंटे बाद नैपकिन पेपर को जरुर बदल देना चाहिए।

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पैड्स इस्तेमाल करने के फायदे..

-सैनटरी नैपकिन का सबसे बड़ा फायदा इससे कपड़े बेदाग रहते हैं।

-यह महिलाओं को लंबे समय तक स्वच्छ रखते हैं, जिससे वर्किंग वुमेन के लिए काम करने के क्षमता और ज्यादा बढ़ जाती है।

-कपड़े के साथ इंफेक्शन का खतरा बना रहता है, जिसके चलते गर्भाश्य में सूजन या कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

-सैनिटरी के इस्तेमाल से बॉडी से किसी तरह की स्मैल नहीं आती।

-इसके इस्तेमाल से त्वचा सुरक्षित रहती है। साथ ही फंगस और फुंसियों आदि का खतरा भी नहीं रहता। 

 

इस तरह करें डिस्पोज

1. इस्तेमाल किए हउए सैनिटरी नैपकीन को बीच में मोड़े
2. सैनिटरी नैपकीन डिस्पोजेबल पाउच खोले और नैपकिन को पाउच के अंदर डाले।
3. सैनिटरी नैपकीन डिस्पोजेबल पाउच में लगी पट्टी को उतारे।
4. सैनिटरी नैपकीन डिस्पोजेबल पाउच में गोंद लगी पट्टी से स्ली करें।
5. सुरक्षित तरीके से सील बंद पाउच को कूडे दान में ही डालें।
6. एक पाउच में केवल इस्तेमाल किया हुआ एक सैनिटरी नैपकीन ही डालें। 
 

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