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ऑफिस जाने के नाम से महिलाएं ले रही हैं स्‍ट्रेस, कहीं आप तो नहीं हो रही Burn-Out का शिकार

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 30 Apr, 2022 11:37 AM
ऑफिस जाने के नाम से महिलाएं ले रही हैं  स्‍ट्रेस, कहीं आप तो नहीं हो रही Burn-Out का शिकार

अगले दो साल में काम का दबाव या अत्यधिक काम का बोझ (बर्नआउट), कार्य घंटों में लचीलेपन की कमी की वजह से बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ने की योजना बनाई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर कोविड-19 महामारी के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों द्वारा लगातार नौकरी छोड़ने का सिलसिला जारी है।


क्या होता है बर्नआउट

बर्नआउट एक सिंड्रोम है, जो काम के अधिक प्रेशर के कारण पैदा होता है। इसमें व्यक्ति शारीरिक रूप के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी थक जाता है। जिससे व्यक्ति की काम करने की क्षमता भी घट जाती है। जिस काम को लेकर खुशी महसूस होती थी, धीरे- धीरे वही सिरदर्द लगने लगता है। WHO के मुताबिक कई बार मानसिक थकान यानि ‘बर्नआउट सिंड्रोम’ इतना खतरनाक साबित हो सकता है कि आप बहुत अधिक बीमार हो सकते हैं।

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डेलॉयट की ‘महिलाएं@कार्य-2022: एक वैश्विक परिदृश्य’ रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 56 प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि एक साल पहले की तुलना में उनके तनाव का स्तर ऊंचा था और करीब आधी महिलाएं काम के बोझ की वजह से थकावट महसूस कर रही हैं। यह रिपोर्ट नवंबर, 2021 से फरवरी, 2022 के बीच 10 देशों में सर्वे पर आधारित है। इसमें 5,000 महिलाओं के विचार लिए गए। इनमें से 500 महिलाएं भारत की हैं।


बर्नआउट सिंड्रोम के लक्षण


शरीर और दिमाग हमेशा थका हुआ महसूस करता है
ऐसा महसूस होना कि किसी ने आपके शरीर की सारी ऊर्जा निकाल ली हो
काम पर फोकस कम होना
काम करते समय निगेटिव महसूस करना
काम करने की क्षमता कम होना
भूख का कम होना
 काम को लेकर चिंता में नींद ना आना
बात-बात पर चिढ़ना या झुंझलाना भी इसका एक लक्षण हैं


सर्वेक्षण में शामिल आधी से ज्यादा महिलाएं अगले दो वर्षों में अपने नियोक्ता को छोड़ना चाहती हैं। इनमें से केवल नौ प्रतिशत महिलाओं ने ही अपने वर्तमान नियोक्ता के साथ पांच साल से अधिक समय तक काम करने की योजना बनाई है। बर्नआउट यानी काम का बोझ प्रमुख वजह है जिसकी वजह से महिलाएं नौकरियां बदलना चाहती हैं। करीब 40 प्रतिशत ने कहा कि वे सक्रिय रूप से नई कंपनी की तलाश कर रही हैं।

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रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि अधिकांश महिलाओं ने काम के दौरान गैर-समावेशी व्यवहार की बात कही। हालांकि, ज्यादातर ने नियोक्ताओं को इसकी जानकारी नहीं दी। रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल पहले की भावनाओं की तुलना में कई महिलाएं अपने करियर की संभावनाओं के बारे में कम आशान्वित महसूस करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हाइब्रिड कार्य वातावरण में काम करने वाली लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि उन्हें महत्वपूर्ण बैठकों से बाहर रखा जाता है।

 

कैसे बचें बर्नआउट सिंड्रोम से


किसी भी काम में इस हद तक न उलझें कि आपकी मानसिक स्थिति पर इसका असर पड़े।
दफ्तर के काम को घर लाने से बचें।
 लक्ष्य निर्धारित करने का प्रयास करें
ऑफिस सहकर्मियों, दोस्तों और अपने परिवार वालों से बात करें।
योग, मेडिटेशन और स्वीमिंग करें
अच्छी नींद बहुत सी समस्याओं का समाधान है

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