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Women Health: पीरियड्स से पहले लड़कियों को क्यों होती है जंक फूड खाने की क्रेविंग?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 09 Oct, 2019 10:15 AM
Women Health: पीरियड्स से पहले लड़कियों को क्यों होती है जंक फूड खाने की क्रेविंग?

पीरियड्स के दौरान जहां महिलाओं को असहनीय दर्द झेलना पड़ता है वहीं इस समय उन्हें फूड क्रेविंग भी खूब होती है। पीरियड्स की तारीख नजदीर आते-आते महिलाओं को तीखी और चटपटी चीजें खाने की इच्छा होने लगती है। वहीं कुछ महिलाओं का इस दौरान मीठा खाने का मन करता है लेकिन क्या आप जानती हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है। चलिए आपको बताते हैं कि पीरियड्स से पहले क्यों करता है जंक फूड्स खाने का मन?

 

यह तो सभी महिलाएं जानती हैं कि हर लड़की को जीवन में मासिक धर्म की नैचुरल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पीरियड्स 12 साल की उम्र में शुरू होता है और करीब 50 वर्ष की अवस्था में समाप्त हो जाता है, जिसे मेनोपॉज भी कहते हैं। हर महीने महिलाओं के गर्भायश की दीवार के चारों ओर बने टिश्यू टूटकर ब्लड के रूप में महिलाओं की योनि से बाहर निकलते हैं। यही प्रक्रिया मासिक धर्म कहलाती है।

पीरियड्स में क्यों होती है फ्रूड क्रेविंग?

पीरियड्स 3 से 7 दिन तक रह सकते हैं, जिससे पहले और इस दौरान महिलाएं बहुत अधिक जंक फूड खाती हैं। महिलाएं अपने पहले पीरियड्स से लेकर मेनोपॉज तक फूड क्रेविंग को महसूस करती है, जो पीएमएस (PMS) का लक्षण है। प्रीमेंसट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के कारण शरीर में विभिन्न हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव के कारण पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से ही महसूस होने लगता है। प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम से ग्रसित ज्यादातर महिलाओं को हर वक्त भूख महसूस होती है और हेल्दी फूड की बजाए जंक फूड खाने का ज्यादा इच्छा होती है।

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क्या है पीएमएस?

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) महिलाओं से जुड़ी समस्या है, जो सेक्स हार्मोन और सेरोटोनिन नामक हार्मोन के स्तर में बदलाव के कारण मासिक धर्म से पहले दिखाई देते हैं। इस बीमारी के कारण महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर भी बढ़ जाता है, जिसके कारण चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग होना और तनाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

85% औरतों को होती है यह समस्या

लगभग 85% महिलाओं को पीएमएस के लक्षण महसूस होते हैं, जो आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के 5-11 दिन पहले महसूस होने लगते हैं और जैसे ही मासिक धर्म शुरू हो जाता है ये लक्षण खत्म हो जाते हैं। वहीं 20 से 32% महिलाएं PMS के गंभीर लक्षण महसूस करती हैं जिसके कारण उन्हें पीरियड्स के समय काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

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हर किसी को महसूस नहीं होते लक्षण

ज्यादातर महिलाओं को पीरियड्स में यह लक्षण महसूस होता है लेकिन ऐसा जरूरी कि फूड क्रेविंग हर महिला को हो जबकि कुछ महिलाओं में इसके लक्षण काफी गंभीर होते हैं। प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की इंटेंसिटी सभी महिलाओं में अलग-अलग होती है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स में ज्यादा भूख लगना, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग होना, सूजन, ब्रेस्ट को कोमल होना, पेल्विक में दर्द, थकान, अधिक पसीना आना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

मोटी महिलाएं भी नहीं रोक पाती क्रेविंग

इतना ही नहीं, जो महिलाएं मोटी है या डाइटिंग कर रही हैं वो भी खुद को फैट युक्त और जंक फूड्स खाने से रोक नहीं पाती। स्टडी के मुताबिक, ज्यादातर महिलाएं हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए स्वस्थ भोजन और नियमित एक्सरसाइज करती हैं और ऐसी चीज खाने से बचती हैं जो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं होती। यही कारण है इस दौरान जंक फूड्स खाने की उनकी इच्छा तीव्र हो जाती है। इसकी वजह से उन्हें ज्यादा चिड़चिड़ाहट भी होती है यहां तक कि वजन बढ़ने के साथ ही डाइजेस्टिव सिस्टम पर भी इसका असर पड़ने लगता है।

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बढ़ जाता है स्ट्रेस हार्मोन

हेल्थ रिसर्च के अनुसार, पीडियड्स आने से पहले, पीएमएस के दौरान कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और सिरोटोनिन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इसके कारण महिलाओं को मीठी और अधिक कैलोरी फूड्स खाने की इच्छा होती है। इससे महिलाएं अच्छा महसूस करती हैं।

क्या करें?

इसके लक्षणों को कम के करने के लिए हैल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें और अपनी डॉक्टर से भी सलाह लें। चलिए आपको बताते हैं पीएमएस के लक्षणों को कम करने के टिप्स...

-रोजाना एक्सरसाइज करें।
-सही डाइट लें और नमक का सेवन कम मात्रा में करें।
-पेट में दर्द या सूजन हो तो अधिक से अधिक पानी पीएं।
-भोजन में शुगर की मात्रा कम करे और फलों का सेवन अधि क करें।
-कैफीन और अल्कोहल का सेवन न करें।
-अगर इसके लक्षण अधिक महसूस हो तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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