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सुख और पैसे की बर्बादी लाते हैं ये वास्तु दोष, घर बनवाते वक्त ध्यान में रखें ये खास बातें

  • Edited By Harpreet,
  • Updated: 20 Jul, 2019 12:47 PM
सुख और पैसे की बर्बादी लाते हैं ये वास्तु दोष, घर बनवाते वक्त ध्यान में रखें ये खास बातें

घर में अच्छी सुकून की नींद, अच्छा सेहतमंद भोजन और भरपूर प्यार-अपनत्व हर कोई पाना चाहता  है। कई बार घर में पैसा और सारी सुख-सुविधाएं होने के बावजूद इंसान चैन की नींद नहीं ले पाता। इसके पीछे छिपा कारण हमारे घर के वास्तु दोष होते हैं। घर का गलत दिशा या फिर वास्तु शास्त्रों के अनुसार न बना ही इसका मुख्य कारण हो। तो चलिए आज जानते हैं आखिर वास्तु के अनुसार हमारा घर कैसा बना होना चाहिए।

कौन सी दिशा सही रहेगी घर बनाने के लिए ?

वास्तु शास्त्रों के अनुसार घर हमेशा पूर्व, ईशान या उत्तर दिशा में ही बनवाना चाहिए। इस दिशा में घर बनवाने से घर के तमाम वास्तु दोष दूर हो जाते हैं।

कैसा होना चाहिए घर का नक्शा ?

वास्तु अनुसार घर के आगे या पीछे आंगन जरुर बनवाना चाहिए। आंगन में कच्ची जमीन के लिए जगह अवश्य छोड़ें जिसमें में तुलसी, अनार, जामफल, कड़ी पत्ते का पौधा, नीम, आंवला आदि के अलावा सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने वाले फूलदार पौधे लगाएं। ऐसा करने से घर की खूबसूरती के साथ-साथ घर के सदस्यों की सेहत सदैव अच्छी रहती है।

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भूमि का ढलान तक का रखें ध्यान

सदैव सकारात्मक ऊर्जा का खिंचाव उत्तर से दक्षिण की ओर होता है। आपने कभी नोटिस किया होगा कि शाम ठलते ही पक्षी उत्तर से दक्षिण की ओर जाते हुए दिखाई देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि चैन की नींद लेने के लिए उन्होंने अपने घोंसलों का निर्माण इसी दिशा में किया होता है। अगर आप भी अपने घर में चैन की नींद पाना चाहते हैं तो घर लेते या बनाते वक्त भूमि की ठलान का विशेष ध्यान रखें।

घर के आसपास का माहौल भी रखता है एहमियत

घर बनवाते वक्त कोशिश करें आपका घर मंदिर, नदी या किसी साफ तालाब को करीब हो। अगर आप हिल स्टेशन के रहने वाले हैं तो मकान पहाड़ की उत्तर दिशा में बनाए। ध्यान में रखें कि मकान के सामने तीन रास्ते न निकलते हों। ऐसा होने से मकान पर बुरी नजर लगने का डर बना रहता है। मकान के एकदम सामने खंभा या वृक्ष न हो। ऐसा होने से बारिश के वक्त घर पर बिजली गिरने का डर रहता है। घर बनवाना शुरु करने से पहले या नया घर खरीदने से पहले एक बार वहां जाकर आस-पड़ोस के बारे में भी जरुर जान लें।

अब बात करते हैं शयन कक्ष यानि घर के बेडरुम की...

कई बार बेडरुम में सभी तरह की सुविधाएं होने के बावजूद चैन की नींद नहीं आ पाती। चैन की नींद पाने के लिए बेडरुम घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनवाएं। शयन कक्ष में सोते समय हमेशा आपके पैर उत्तर-पश्चिम दिशा में होने चाहिए। ऐसा करने से कमरे में रहने वाले सदस्यों के बीच सदैव प्रेम के संबंध स्थापित रहते हैं।

बेडरुम के साथ ही घर के अध्ययन कक्ष, रसोई-घर और अंत में पूज घर बनाते वक्त भी वास्तु टिप्स का ध्यान रखें। अध्ययन कक्ष हमेशा घर की पूर्व, उत्तर, ईशान तथा पश्चिम के मध्य बनवाना चाहिए। रसोई घर के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे बेस्ट रहती है। रसोई घर का निर्माण सही दिशा में नहीं किया जाए तो परिवार के सदस्यों को पाचन संबंधी अनेक बीमारियां हो सकती हैं। घर का ड्राईंग रुमउत्तर-पूर्व दिशा में ही बनवाना चाहिए। मेहमान भगवान का रुप होते हैं ऐसे में घर पधारे मेहमानों का पूरी तरह से सत्कार करना चाहिए।

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