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UTI Infection: यूरिन पास करते होती है जलन तो ये 5 देसी नुस्खे आएंगे काम

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 12 May, 2019 01:31 PM
UTI Infection: यूरिन पास करते होती है जलन तो ये 5 देसी नुस्खे आएंगे काम

यूरिन इन्फेक्शन : घर व ऑफिस के कामकाज के चक्कर में महिलाएं पर्सनल हाइजीन को नजरअंदाज कर देती है, जो आगे चलकर यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) का खतरा भी बन सकती हैं। दूसरे मौसम के मुकाबले गर्मियों में यूटीआई की शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है। जहां इसका एक कारण प्राइवेट पार्ट को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही है वहीं खान-पान की गलत आदतें भी आपको UTI इंफैक्शन का शिकार बना सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप गर्मियों में अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सचेत रहें।

 

क्या है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्‍शन (Urinary Tract Infection) ?

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्‍शन) बैक्टीरिया, फंगस और वायरस से होने वाला इंफेक्शन है, जो मूत्रमार्ग से होते हुए ब्लैडर तक पहुंच कर इंफैक्शन फैलाती है। ज्यादातर ई-कोली बैक्टीरिया के कारण ये समस्या होती है। इसके कारण कई बार ब्लैंडर में सूजन भी हो जाती है। यह प्रॉब्लम प्राइवेट पार्ट की सफाई न रखने से होती हैं। सिर्फ शादीशुदा या अधिक उम्र की महिलाओं को ही नहीं बल्कि कम उम्र की लड़कियों को भी UTI परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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गर्मियों में बढ़ जाती है UTI की समस्या

गर्मियों में इसका खतरा अधिक होता है क्योंकि कम पानी पीने से आप डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाती हैं, जिसकी वजह से ब्‍लैडर में इंफेक्‍शन होता है। वहीं इस मौसम में खान-पान की गलत चीजें जैसे मसालेदार व फ्राई फूड्स, जंक फूड, कैफीन और कोल्ड ड्रिंक जैसे चीजें इसका खतरा बढ़ाती हैं। दरअसल, इनमें कार्बोनेटेड पाया जाता है, जिसे पीने से मूत्र क्षारीय बनता हैं और यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

मेनोपॉज के बाद यूटीआई का अधिक खतरा

महिलाएं में 15 से 40 की उम्र के बीच यह समस्या अधिक होती है। वहीं, मेनोपॉज के बाद भी मूत्र संबंधी समस्याएं बढ़ जाती है क्योंकि इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। हालांकि प्राइवेट पार्ट की सफाई न करने से कम उम्र की महिलाओं को भी यह परेशानी हो जाती हैं।

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यूटीआई के कारण (UTI Causes)

देर तक यूरिन को रोक कर रखना
दवाइयों का सेवन ना करना
तरल पदार्थ का कम सेवन
कॉफी और शराब का अधिक सेवन
इम्यूनिटी सिस्टम का सही न रहना
पीरियड्स के दिनों में साफ-सफाई न रखना
शौचालय के बाद प्राइवेट पार्ट की सफाई न करना

 

पेशाब रोग के लक्षण (UTI Symptoms)

पेशाब के दौरान दर्द या जलन होना। 
यूरिन पास होने में ज्यादा समय लगना। 
बार-बार पेशाब आना। 
पेशाब से बदबू आना। 
पेट के निचले हिस्से में दर्द होना। 
हल्का बुखार होना। 
कभी-कभी पेशाब के साथ खून आना।
कमर के निचले हिस्से में दर्द
कमजोरी व थकावट महसूस होना

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UTI  से कैसे करें बचाव?
सफाई का हमेशा रखें ख्याल

हमेशा स्वच्छ शौचालय का इस्तेमाल करें। अगर आप वर्किंग है तो कोशिश करें इंडियन सीट्स ही यूज करें। प्राइवेट पार्ट की सफाई का पूरा ध्यान रखें। साथ ही टॉयलेट यूज करने से पहले और बाद में फ्लश जरूर करें।

ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं

इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप दिनभर में कम सेकम 8-9 गिलास पानी जरूर पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या ना हो। साथ ही नारियल पानी व नींबू पानी का सेवन भी जरूर करें।

मसालेदार भोजन खाने से बचे

अधिक मिर्च मसालों वाला खाना खाने से हमेशा परहेज करें। तली-भूनी चीजों का ज्यादा सेवन भी इसका खतरा बढ़ाते हैं। इसके अलावा बाहरी और खुले जगहों में खाने से परहेज करें क्योंकि यहीं संक्रमण होने का सबसे बड़ा कारण है। खून में होने वाली इन्फेक्शन यूरिन तक पहुंचकर यूटीआई का कारण बनती है।

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दवाइयों का कम करें सेवन

जो औरतें बहुत छोटी-मोटी परेशानी होने पर भी दवाइयों का सेवन करती हैं, उन्हें यूरिन इंफैक्शन बहुत जल्दी घेर लेता है इसलिए अधिक दवाइयों का सेवन ना करें। साथ ही हो सके तो होम्योपैथिक दवाइयों का सेवन करें।

सही कपड़ों का चुनाव

गर्मी के मौसम में हमेशा कॉटन फैब्रिक और आरामदायक अंडरगार्मेंट्स पहनें, जिससे त्वचा हमेशा सूखी बनी रहे और बैक्टीरियल फॉर्मेशन न हो। रोज नहाना और पर्सनल हाइजीन रखने से इस बीमारी से दूर रहा जा सकता है। 

पेशाब रोके नहीं 

अगर आप घंटो तक पेशाब रोक कर रखते हैं तो ऐसा बिल्कुल न करें। तेज आई पेशाब को रोके नहीं जब भी पेशाब लगे तुरंत जाएं वरना यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाएगा। पेशाब रोकने के कारण भी यह संक्रमण फैलता है।

 

UTI के लिए देसी नुस्खे (Home Remedies for UTI)
बादाम

यूटीआई से छुटकारा पाने के लिए बादाम, हरी इलायची और मिसरी को पीसकर पानी में मिक्स करके पीएं। इससे मल त्याग के दौरान होने वाले दर्द व जलन से भी छुटकारा मिलेगा।

सेब का सिरका

इसके लिए 2 चम्मच सेब का सिरका और 1 चम्मच शहद को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। इससे शरीर के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं और यूरिन के सहारे बाहर निकल जाते हैं।

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इलायची

इलायची में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण भी यूरिन इंफेक्शन को ठीक करते है। इसके लिए इलायची व सोंठ को पीसकर चूर्ण बना लें। अब अनार के रस में यह चूर्ण और थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर पिएं। इससे इंफैक्शन दो दिन में खत्म हो जाएगा।

आंवला का पानी

यूटीआई की समस्या में आंवले के चूर्ण में इलायची मिलाकर पानी स भी आराम मिलता है। साथ ही इससे पेट दर्द और मल त्याग के दौरान होने वाले दर्द व जलन से भी छुटकारा मिलता है।

टी ट्री ऑयल

इंफैक्शन दूर करने के लिए टी ट्री ऑयल की 10 बूंदें नहाने के पानी में मिक्स करें। इससे प्राइवेट पार्ट की अच्छी तरह सफाई करें। इससे इंफैक्शन कुछ दिनों में ही दूर हो जाएगा।

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