
नारी डेस्क: अनुभवी फ़िल्म निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब इस दुनिया में नही रहे। उनका आज 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। निहलानी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम थे और पिछले कई सालों में वे कई सफल कमर्शियल फ़िल्मों से जुड़े रहे। वे 'इल्ज़ाम', 'शोला और शबनम', 'आंखें' और 'अंदाज' जैसी फ़िल्में बनाने के लिए जाने जाते थे। फिल्म निर्माता डेविड धवन और अभिनेता गोविंदा के साथ भी उनका लंबे समय तक काम करने का रिश्ता रहा। तभी तो गाेविंदा के लिए उन्हाेंने सलामान खान से सीधा पंगा ले लिया था।

बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' गोविंदा ने अपनी कॉमिक टाइमिंग, डांस मूव्स और ज़बरदस्त स्क्रीन प्रेज़ेंस से 90 के दशक पर राज किया। हालांकि, समय के साथ उनका करियर ग्राफ नीचे गिरता गया। ऐसे में प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी ने दावा किया है कि इंडस्ट्री के ही कुछ लोगों ने इस एक्टर का करियर तबाह कर दिया है। उन्होने गोविंदा को लेकर कहा था- “पार्टनर’ के बाद सब कुछ उसके खिलाफ हो गया। उसके बाद उसे कोई फिल्म नहीं मिली। उसकी कई बड़ी फिल्में बंद हो गईं, जिनमें प्रियंका चोपड़ा के साथ वाली एक फिल्म भी शामिल थी। अगर कोई आपकी पीठ में छुरा घोंपता है, तो उसका एक भी निशान नहीं बचता। आपको पता भी नहीं चलता। इसलिए, उसकी पीठ में कई बार छुरा घोंपा गया है,”

प्रोड्यूसर पहलाज ने कहा था- ‘रंगीला राजा’ (2019) के बाद भी, कई बड़े प्रोड्यूसर्स ने मुझसे पूछा कि क्या गोविंदा ने कभी मुझे परेशान किया, लेकिन मैंने मना कर दिया। वह समय पर आते और चले जाते थे। यह एक अफ़वाह है कि वह देर से आते हैं। उन्होंने मेरे लिए सुबह 6 बजे भी शूटिंग की है। वह कभी भी तय समय से ज़्यादा देर नहीं हुए,” । उन्होंने कहा था- “बॉलीवुड में कोई दोस्त नहीं है टाइम पर दोस्त हैं, टाइम के बाद नहीं हैं। कोई किसी का अपना नहीं है अगर किसी की फिल्म फ्लॉप हो जाती है, तो लोग पार्टी करते हैं।”

पहलाज ने गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा की इस बात से भी सहमति जताई कि एक्टर के आस-पास के लोगों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया और कहा- “वह गलत नहीं हैं, वह सही हैं। इन पंडितों ने उनका करियर बर्बाद कर दिया।” प्रोड्यूसर ने यह भी बताया था कि उन्होंने कभी गोविंदा के बीच में दखल नहीं दिया या उन्हें कोई सुझाव नहीं दिया और कहा, “किसी को सलाह देना गलत है। किसी को सलाह देने का मतलब है खुद को उनसे नीचे रखना। सच्चाई बोलना और सच्चाई सुनना, बहुत बड़ा फर्क है। मैं एक एक्टर और एक इंसान के तौर पर गोविंदा के बारे में कभी कुछ गलत नहीं कहूंगा। कभी-कभी उनके सोचने का तरीका गलत होता है।”