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बिना पुरूषों के पहली बार स्पेस में कदम रखेगी महिलाओं की टोली

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 07 Oct, 2019 12:54 PM
बिना पुरूषों के पहली बार स्पेस में कदम रखेगी महिलाओं की टोली

आज पुरुषों के बिना महिलाएं हर उस मुकाम को हासिल कर सकती है जिन्हें पाना चाहती है। 21 अक्टूबर को नासा की महिला टीम इस बात को साबित भी करेगी। इस दिन नासा द्वारा पहली बार स्पेसवॉक पर बिना किसी पुरुष के 15 महिलाओं की टीम को भेजा जा रहा है। यह सभी महिलाएं अलग- अलग चरणों में स्पेस में वॉक करेंगी। 

मार्च में स्थगित किया था प्लान

नासा द्वारा इन महिलाओं को पहले मार्च में स्पेस भेजने का प्लान बनाया गया था लेकिन स्पेससूट का सही साइज न होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके कारण अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना ने खुद सूट को कॉन्फिगर कर काम करना शुरु किया था। जिसके बाद स्पेस यात्रा के लिए 3 सूट तैयार हो चुके है। 

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क्रिस्टीना व जेसिका करेंगी लीड

स्पेस में जा रही महिलाओं की इस टीम को अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच व जेसिका मीर लीड करेंगी। इस यात्रा से पहले भी वह अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव ले चुकी हैं। एंड्रयू मॉर्गन के साथ जेसिका व क्रिस्टीना के साथ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेेंसी की लुका परमिटानो स्पेस वॉक पर जाएगी। यह स्पेस वॉक मैराथन दिसंबर तक चलेगी। 

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स्पेसक्राफ्ट की मुरम्मत व नए उपकरणों का होगा परीक्षण 

स्पेसवॉक में स्पेसक्राफ्ट की मरम्मत, वैज्ञानिक प्रयोग व नए उपकरणों का परीक्षण करने के लिए इस बार ऐन मैकक्लेन व क्रिस्टीना कोच शामिल है। मैकक्लेन 22 मार्च को निक हेग के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में एक लिथियम आयन बैटरी लगाने के लिए स्पेसवॉक का हिस्सा बन चुकी हैं।

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यात्रियों को दी जाती है पूरी ट्रेनिंग

अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में होने वाली हर गतिविधि के बारे में ट्रेनिंग दी जाती हैं। उन्हें स्पेससूट पहना कर उन्हें की आकारों में प्रशिक्षित किया जाता है। ऐसा करने से उनकी हर तरह की जरुरत पूरी होती है। उन्हें माइकोग्रैविटी की ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें उन्हें बताया जाता है कि वह पर किस तरह के तरह परिवर्तन होगें। वहां पर यात्रियों को स्पेस में हो रहे परिवर्तनों के मुताबिक काम कर खुद को एडजस्ट करना पड़ता है। वैसे ट्रेनिंग व हकीकत में काफी डिफरेंट होता है। 

 

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