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घाटे में जा रहा है बिजनेस तो फॉलो करें ये वास्तु टिप्स

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 02 Jul, 2019 05:49 PM
घाटे में जा रहा है बिजनेस तो फॉलो करें ये वास्तु टिप्स

वास्तु शास्त्रों का उपयोग न केवल घर बल्कि व्यवसायिक स्थानों जैसे- फैक्टरी व कारखाना आदि के लिए भी किया जाता है। यदि फैक्टरी वास्तु सम्मत हो तो इनसे लाभ होने की संभावना बढ़ जाती है, यदि आपकी फैक्टरी पहले से ही घाटे में चल रही है तो आपके लिए यह टिप्स और भी उपयोगी हो सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको फैक्टरी से संबंधित वास्तु टिप्स के बारे में बताएंगे...

सुरक्षा गार्ड का कमरा

सुरक्षा गार्ड के लिए गार्ड रूम का निर्माण मुख्य द्वार के समीप पूर्वी या दक्षिणी भाग में करवाना चाहिए। गार्ड रूम की ऊंचाई 6 से 7 फुट तक होनी चाहिए, इससे अधिक नहीं। छत की ढलान उत्तर या पूर्व की ओर रखें। फैक्टरी छत या शेड्स की ढलान उत्तर या पूर्व की ओर होनी चाहिए।

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फैक्टरी के पास न हो ढलान

यदि फैक्टरी के नजदीक उत्तर की सड़क में पूर्व से पश्चिम की ओर कोई ढलान हो तो यह आपकी फैक्टरी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर फैक्टरी वहां से नहीं हटा सकते तो कम से कम सड़क की उस ठलान के आस-पास छोटी सी पाठ-पूजा करवा लें।  

फैक्टरी का उत्तर-पूर्व भाग

फैक्टरी का उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र भारी नहीं होना चाहिए। यह नकारात्मक ऊर्जा देता है। कोशिश करें फैक्टरी के हल्के-फुल्के काम के लिए आप इस भाग का इस्तेमाल करें। 

पड़ोस की फैक्टरी

पड़ोस की फैक्टरी का मुख्य द्वार यदि आपकी फैक्टरी के मुख्य द्वार की ठीक विपरीत दिशा में हो, तब भी नकारात्मक ऊर्जा मिलती है। ऐसे में ठीक होगा कि आप आपने मुख्य द्वार की जगह थोड़ी सी बदल लें।

फैक्टरी का दक्षिण भाग

फैक्टरी के दक्षिण या वायव्य कोण में ऊर्जा उत्पादन यानि जेनेरेटर या फिर ट्रांसफार्मर जैसा कोई उपकरण न ही लगाएं तो बेहतर रहेगा। लेबर कैंटीन या रसोई घर भी इन क्षेत्रों में नहीं बनवाना चाहिए। 

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फैक्टरी की बाउंड्री वॉल

फैक्टरी लगाने से पहले उसकी बाउंड्री वॉल बनवानी चाहिए, उसके बाद ही मशीन आदि का फाउण्डेशन करवाएं। वर्षा का पानी दक्षिण-पश्चिम से उत्तर या ईशान कोण में निकलना चाहिए। कोशिश करें कि किसी भी स्थान पर वर्षा का पानी रुके नहीं। 

भारी मशीनें

भारी मशीनें पश्चिम-दक्षिण में और भट्टी, बॉयलर, जनरेटर सेट, ट्रांसफार्मर, बिजली मीटर आदि आग्नेय कोण यानि पूर्व-दक्षिण में स्थापित करने चाहिए। ऐसा करने से फैक्टरी के समस्त वास्तु दोष स्वयम् ही समाप्त हो जाएंगे।

पानी का टैंक

पानी का टैंक उत्तर-पूर्व दिशा में ही बनवाएं। सैप्टिक टैंक मध्य-उत्तर या मध्य-पूर्व में करें। टैंक का निर्माण ईशान (उत्तर-पूर्व), आग्नेय (पूर्व-दक्षिण) या नैऋत्य कोण (पश्चिम-दक्षिण) में कभी न करें।

पेड़-पौधे

फैक्टरी के आस-पास पेड़-पौधे जरुर लगवाएं। हो सके तो एक छोटा सा लॉन बनवा लें। पेड़ पौधों से मशीनरी थोड़ी दुर ही रखें तो बेहतर रहेगा। लॉन बनवाने के लिए उत्तर-पूर्व की दिशा सबसे बेहतर रहेगी

शौचालय 

कोशिश करें कि फैक्टरी का शौचालय थोड़़ी सी जगह बाहर खरीद कर बनवाएं। यदि ऐसा नहीं हो पाता तो कम से कम बाथरुम फैक्टरी के बैक यार्ड में बनवाएं, इससे फैक्टरी में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। 

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