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बच्चों को यूं करवाएं एग्जाम की तैयारी

बच्चों को यूं करवाएं एग्जाम की तैयारी
Views:- Monday, November 19, 2018-12:43 PM

कई बच्चों की याद्दाश्त काफी अच्छी होती हैं तो कुछ को चीजें याद रखने में काफी दिक्कत होती हैं, खासकर एग्जाम टाइम। ज्यादातर बच्चे एग्जाम टाइम में याद रखने के तरीकों का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते। पेरेंट्स और टिचर उन्हें विषयों को याद रखने की अलग-अलग तरह की सलाह देते हैं जिससे वे भ्रमित हो जाते हैं और याद रखने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हैं जो वास्तव में ठीक नहीं है। ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चे को एग्जाम की तैयारी करवाते वक्त सही तरीके बताए। 

 

1. गलती: रट्टा लगाना
नए शब्द सीखने की कोशिश कर रहे है तो जो सबसे आम रणनीति है लफ्जों को तब तक रटने की, जब तक कि वे दिमाग में बैठ न जाए। मगर मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि यह सही तरीका नहीं है। रट्टा लगाने के बावजूद हमारा दिमाग इन बातों को सहेज नहीं पाता। 

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हल: बीच में अंतराल दें
अगर चाहते है कि आपका बच्चा किसी विषय या बात को याद रखे तो उन्हें उस लेख, शब्द या सबक को थोड़े-थोड़े अंतर के बाद दोहराने को कहें। इससे बच्चे की याद्दाश्त तरोताजा होती रहेगी। बच्चे को किसी किताब का एक अध्याय पढ़ाएं, फिर कुछ और पढ़ने को कहें। 

 

कुछ अंतराल के बाद दोबारा उसकी पढ़ाई करवाएं जो आप ने पहले पढ़ाया था। यह अंतर 1 घंटे, 1 दिन या 1 सप्ताह का भी हो सकता है। 

 

2. गलती: अहम प्लाइंट्स को अंडरलाइन करना 
यह नुस्खा भी बहुत आम है। पढ़ते वक्त जो भी बात, शब्द या वाक्य अहम लगता है, उसे अंडरलाइन कर लेने में कोई बुराई नहीं हैं। मगर मनोवैज्ञानिक कहता है कि यह नुस्खा अक्सर मददगार साबित नहीं होता। अक्सर बच्चे पूरे पैराग्राफ को ही अंडरलाइन कर डालते हैं। जिस वजह से वे अहम वाक्यों और छोड़ दिए जा सकने वाले वाक्यों में अंतर ही नहीं कर पाते। 

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हल: ठहर कर सोचिए 
एक बार कोई भी किताब पढ़ने के बाद उसके जो हिस्से आपको अहम लगते हैं उन्हें अंडरलाइन कर लें। बच्चों को दोबारा इस विषय पर गौर करने का अवसर मिलेगा। जिस वजह से बेफिक्र होकर हर वाक्य को अंडरलाइन करने से बच जाएंगे। केवल अहम हिस्से पर ही गौर करेंगे। 

 

3. गलती: नोट बनाना
अक्सर पेरेंट्स बच्चों को नोट बनाने की सलाह देते है। बच्चे अति उत्साह में फालतू बातों को भी नोट करने लग जाते हैं। बाद में वे किसी काम की नहीं होती हैं। 

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हल: छोटे और नपे-तुले नोट बनाएं
तमाम तजुर्बों से साबित हुआ है कि छात्र जितने ही कम नोट्स बनाएंगे, उतना ही उन्हें पढ़ा हुआ सबक याद रहेगा क्योंकि जब आप किसी पढ़े हुए अध्याय़ को नपे-तुले शब्दों में नोट के तौर पर लिखते हैं तो आपको गहराई से सोचना पड़ता है। शब्दों और वाक्यों को नए सिरे से गढ़ना पड़ता है। जिससे दिमाग, पढ़े हुए सबक को दोबारा याद कर लेता है। अहम बातों को स्टोर कर लेता है। अक्सर कागज पर पैन से नोट बनाना अधिक लाभदायक होता है। लैपटॉप या कंप्यूटर पर टाइप करने से बच्चे को कुछ भी याद नहीं रहेगा।  

 

4. गलती: आउटलाइन बनाना
बहुत से पेरेंट्स अपने बच्चों को कहते हैं कि वे किसी भी सबक का एक खाका तैयार कर लें। वे उन्हें बताते हैं कि किसी विषय की किन अहम बातों को आगे चलकर पढ़ना और याद रखना है। 

 

हल: विषय की गहराई समझें
बेशक आउटलाइन या खाका तैयार करने से छात्रों को विषय समझने में मदद मिलती है परन्तु पहले एक बुनियादी खाका तैयार कर लेने और फिर उस विषय की गहरी बातों को उसमें दर्ज करने से याद रखना आसान हो जाता है। इससे विषय समझ में भी अधिक आसानी से आ जाता है। 


 


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