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इसलिए बच्चे करते है हद से ज्यादा शरारतें

  • Updated: 28 Jul, 2017 04:09 PM
इसलिए बच्चे करते है हद से ज्यादा शरारतें

जहां बच्चे होगें वहां शोर-शराबा और हंगामा न हो एेसा हो ही नहीं सकता। फ्री होने पर बच्चे ऐसी शरारतें करते हैं जो उन्हें नहीं करनी चाहिए। इससे हर मां परेशान हो जाती है। उनकी आंखों में तनाव और साथ ही उनके चेहरे पर गुस्सा नजर आने लगता है। उन्हें ऐसा लगता है कि वो जानबूझ कर शरारतें कर रहें है लेकिन ऐसा नहीं है। कई बार ठीक से न सोने के कारण भी बच्चे ज्यादा शरारती हो जाते है। अगर आपका बच्चा भी जरुरत से ज्यादा शरारती है तो उसके सोने का समय सुधारे।

1. बच्चों को नींद न आना 
एक शोर्ध के द्धारा यह बात सामने आई है कि देर से सोने वाले बच्चें अधिक शरारती होते है। नींद पूरी न होने के कारण बच्चों में हाइपरएक्टिविटी डिजॉर्डर हो जाता है। जिससे बच्चे और भी ज्यादा एक्टिव हो जाते है। कम से कम 70 प्रतिशत बच्चों में इस बीमारी के लक्षण पाएं जाते है। 

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2. डिजॉर्डर के कारण
1 से 3 साल की उम्र में ठीक से नींद न आने के कारण जब बच्चा के 6 साल को होता है तो उसे इस ये बीमारी हो जाती है। इसके कारण बच्चों की दिमागी शक्ति कम हो जाती है। इससे वो ऐसे काम शरारतें करने लगते है। इसके अलावा ऐसे बच्चे किसी भी प्रॉब्लम का हल नहीं ढूढ़ पाते और उनका मूड भी बदलता रहता है। 

3. उचित नींद न मिलना
सोते समय बच्चे के शरीर का कोशिकाएं वयस्त रहती है। जिससे बच्चे का दिमाग अपने दायें और बायें सेरीब्रम से सम्पर्क करता है और कार्पस काल्लोसम का निर्माण होता है। यह किसी फाइबर की तरह दायें और बायें सेरीब्रम को आपस में जोड़ देता है जिससे बच्चों के शरीर का विकास दोगुनी तेजी से होता है। इसलिए विकास के लिए उनका अच्छी नींद लेना बहुत जरुरी होता है। 

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4. नियमित समय बनाना
रोजाना वहीं काम करने से बच्चे उसी रुटीन के आदि हो जाते हैं। इससे उन्हें बार-बार सोने के लिए नहीं कहना पड़ता। अगर आप बच्चों की रोजाना की दिनर्चया एक सी कर देंगे तो बच्चें रोजाना वहीं काम दोहराएंगे। इससे उन्हें सोने की आवश्यकता महसूस होने लगती है।

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