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ब्लड टेस्ट के अलावा इन 4 तरीकों से करवाएं गठिए की जांच - Nari

  • Edited By Priya verma,
  • Updated: 14 Sep, 2018 05:09 PM
ब्लड टेस्ट के अलावा इन 4 तरीकों से करवाएं गठिए की जांच - Nari

शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो जोड़ो में यूरिक एसिड का क्रिस्टल जमा होने लगता है। इसे अर्थराइटिस या फिर गठिया कहा जाता है। शुरुआत में जोड़ो में होने वाला दर्द मामूली समझकर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन धीरे-धीरे इसके बढ़ने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। गठिया के शुरुआती लक्षणों के पहचान कर इसका टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है ताकि समय रहते यह पहचान हो सके की दर्द की वजह गठिया है या कुछ और।

 

1. ब्लड टेस्ट 
जोड़ो में होने वाले दर्द के निदान के लिए ब्लड सैंपल का टेस्ट किया जाता है। इससे ब्लड में यूरिक एसिड के सही स्तर का पता चलता है। अगर जांच में यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा है तो गठिया रोग है। 

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2. यूरीन टेस्‍ट
पेशाब की जांच से भी गठिया रोग का पता लग जाता है। इसके लिए सुबह का पहले यूरीन का नमूना लिया जाता है। टेस्ट से पहले किसी भी दवाई का सेवन करने से मना किया जाता है। इस टेस्ट से कंफर्म हो जाता है कि शरीर में यूरिक एसिड की कितनी मात्रा है। 


3. एक्‍स-रे
एक्स रे के जरिए गाउट के शुरुआत का पता लगाया जा सकता है। जोड़ो में लगातार सूजन आ रही है तो एक्स रे जरूर करवाएं। 

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4. साइनोवियल फ्लड
यह पदार्थ शरीर में हड्डियों के चारों तरफ सुरक्षा के लिए एक झिल्ली बनाता है। गठिया के जांच में इसका भी सहारा लिया जाता है। सूई की मदद से इस द्रव्य को निकाल कर टेस्ट किया जाता है। जिससे यह पता लग जाता है कि गठिया रोग है नहीं। 
 

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