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Health Alert! सिगरेट से ज्यादा खतरनाक है घर में फैला यह धुआं, फेफड़ों के लिए घातक

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 20 May, 2019 07:28 PM
Health Alert! सिगरेट से ज्यादा खतरनाक है घर में फैला यह धुआं, फेफड़ों के लिए घातक

भारतीय घरों में पूजा-पाठ के लिए धूपबत्‍ती या अगरबत्ती का इस्तेमाल किया जाता है। अगरबत्ती की सुगंध बहुत ज्यादा मधुर होती है और मन को सुकून पहुंचाती होगी लेकिन हम आपको बता दें कि अगरबत्ती का धुआं सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जी हां, हाल ही में चीन में हुए शोध में बताया गया है कि अगरबत्ती का धुआं सिगरेट के धुएं से भी ज्यादा खतरनाक है। इसमें पाए जाने वाले पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन अस्थमा, कैंसर, सरदर्द और खांसी जैसी बीमारियों का कारण बन सकते है।

 

अगरबत्ती और सिगरेट

चीनी अध्ययन के अनुसार, सिगरेट की तुलना में अगबत्ती के धुएं में ज्यादा खतरनाक रसायन होते हैं। इस धुंए में छोटे-छोटे पार्टिकल मौजूद होते हैं जो हवा में मिलते जाते हैं। सुगंधित अगरबत्तियों से निकलने वाले इन जहरीले कणों में कुछ ऐसे प्रकार के विषैले पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

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अगरबत्ती के धुएं के नुकसान
कैंसर का खतरा

रिसर्च में ये भी सामने आया है कि अगरबत्ती से निकलने वाले धुंए में म्युटेजेनिक, जीनोटॉक्सिक और साइटोटॉक्सिक जैसे कुछ विषैले तत्त्व होते हैं जिससे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही ज्यादा समय तक इसका धुआं शरीर में जाने से श्वसन कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।

सांस नली में जलन

अगरबत्तियों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों में फंस जाता है, जिससे इंफ्लेमेटरी रिएक्शन हो सकता है। चूंकि इसके धुएं के कणों में 64 यौगिक होते हैं इसलिए इससे सांस नली में जलन पैदा हो सकती है।

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डीएनए में बदलाव

शोधकर्ताओं ने बताया कि इसमें कुछ ऐसे खतरनाक कैमिकल्स भी होते हैं, जो डीएनए को बदल सकते हैं, जो सेहत के सही नहीं है।

अस्थमा की समस्या

इसमें मौजूद नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड गैस सेहत के लिए हानिकारक होती है। इससे सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्थमा की समस्या भी हो सकती है।

फेफड़े के रोग

अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाली कार्बनमोनो ऑक्साइड शरीर में जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। इसके वजह से फेफड़ों के रोग के साथ जुकाम और कफ की समस्या भी हो जाती है।

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हार्ट अटैक का खतरा

इसके धुएं में लगातार सांस लेने से दिल की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती है। लगातार ऐसा होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

आंखो के लिए हानिकारक

धुएं में मौजूद हानिकारक केमिलक आंखों में खुजली, जलन और स्किन एलर्जी का कारण बन सकते है। इसके धुएं के कारण आंखों की रोशनी खराब होने का डर भी रहता है।

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