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कीमोथैरेपी से होने वाले 5 बड़े साइड इफैक्ट्स

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 18 May, 2020 09:53 AM
कीमोथैरेपी से होने वाले 5 बड़े साइड इफैक्ट्स

कैंसर एक ऐसी नामुराद बीमारी है जो भारत में तेजी से अपने पैर पसार रही है। जब यह बीमारी पकड़ से बाहर हो जाए तो इस बीमारी का इलाज एलोपैथी में कीमोथैरेपी द्वारा किया जाता है। असल में कैंसर की सर्जरी के बाद मरीज के शरीर में से कैंसर पैदा करने वाले कीटाणुओं को पूरी तरह से खत्म करने के लिए इंजैकशन के जरिए दवा भेजी जाती है, यह दवाएं इतनी स्ट्रांग होती है कि मरीज को बीमारी से तो छुड़कारा दिलवाती है लेकिन साथ ही में साइड इफेक्ट्स भी देती हैं। चलिए आज हम आपको इस थैरेपी से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताते हैं।

कीमोथेरेपी क्‍या है

यह एक ऐसा ट्रीटमेंट हैं, जो कैंसर की बीमारी में किया जाता है। इसमें कुछ ऐसी दवाइयां दी जाती हैं, जिसके जरिए शरीर में कैंसर सैल्स को नष्ट किया जाता है। इन दवाओं के कारण ट्यूमर सिकुड़ जाते हैं। इन्हें एंटी कैंसर ड्रग्स या कीमोथेरेपिक एजेंट भी कहते हैं। हालांकि यह कैंसर स्टेज पर निर्भर करता है कि यह ट्रीटमेंट दिया जाएगा या नहीं।

कीमोथेरेपी के साइड-इफैक्ट्स

थकान और टांगों में तेज दर्द

असल में इस ट्रीटमेंट के दौरान मरीज के सभी सैल्स को खत्म किया जाता है, जिनको दोबारा बनने में 5-6 दिन लगते हैं, उस दौरान शरीर में थकान और टांगों में असहनीय दर्द होता है। यह दर्द मरीज के नए सैल्स बनने तक होता रहता है। कीमोथैरेपी के दौरान मरीज को अपने खान-पान का बहुत अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, ताकि शरीर में ज्यादा कमजोरी न आ सके। 

बालों का झड़ना

कीमोथैरेपी के दौरान शरीर के सारे बाल झड़ जाते हैं। हालांकि बाल अस्थाई रुप से ही झड़ते हैं, थैरेपी के खत्म होने पर बाल फिर से उगने शुरु हो जाते हैं। बालों को जल्दी उगाने के लिए आयरन भरपूर डाइट लेना बहुत जरूरी है साथ ही में कुछ सप्लीमेंट भी शामिल किए जा सकते हैं। 

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कमजोर इम्यूनिटी और वेटलॉस

एक तरफ जहां कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए रोगियों को दी जाती है। वहीं इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने वह वजन कम होने का खतरा भी रहता है। 

उल्टी और दस्त

कई बार कई मरीज कीमोथैरेपी लेने के तुरंत बाद कच्ची सब्जियों का सेवन करने लगते है या फिर दवाइयों के तेज होने के कारण भी उन्हें चक्कर, दस्त अथवा उल्टी जैसे प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है। अगर प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें। 

त्वचा पर निशान

इन एंटी ड्रग्स से त्‍वचा पर चकत्ते और मुंह में घाव होना जैसे साइड इफैक्ट भी दिखाई देते हैं। ऐसे में आपको घबराने की बजाए तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

खून में इंफैक्शन

इसके कारण ब्‍लड में इंफेक्‍शन और खून का बहाव भी हो सकता है। साथ ही स्किन एलर्जी, शरीर के किसी हिस्से का सुन्न होना, हाथों और पैरों में झुनझुनी और ब्लैडर से खून का आना जैसे साइड इफैक्ट्स भी दिख सकते हैं।

नींद ना आना

इन एंटी कैंसर दवाओं का असर नींद पर भी पड़ता है,जिससे मरीज को नींद आनी बंद हो जाती है। ऐसे में स्लिपिंग पिल्स लेने की बजाए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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खून की कमी

यह दवएं कैंसर सेल्स को खत्म करती है इसलिए इसके कारण रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा व प्लेटलेट्स की संख्या भी घट जाती है। कई बार इन दवाओं के कारण सांस लेने में भी तकलीफ भी होती है। कोशिश करें अपनी डाइट में आयनयुक्त आहार लें।

प्रैग्नेंसी में ना करवाएं कीमोथेरेपी

गर्भावस्‍था के दौरान इन दवाओं का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भ में पल रहे भ्रूण को परेशानी हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कुछ एंटी कैंसर दवाए तो इंफर्टिलिटी का कारण भी बन सकती हैं। अगर आप कैंसर के इलाज के बाद मां बनने की सोच रही हैं तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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कीमोथेरेपी साइड-इफैक्‍ट्स का उपचार

-कीमोथेरेपी के साइड-इफैक्‍ट को कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट में हैल्दी चीजें लें।

-तला-भुना, ज्‍यादा मसालेदार, अधिक नमक युक्‍त भोजन से परहेज करें।

-हलका फुलका भोजन खाना जरूरी है। 

-सुबह के समय 40 से 50 मिनट व्‍यायाम, योग और मेडीटेशन के लिए कीजिए।

-इसके कारण बाल झड़ने की समस्या अधिक दिखाई देती है इसलिए हेयर ड्रायर, ड्राई और कैमिकल्स युक्त शैंपू का कम इस्तेमाल करें।

-धूम्रपान और शराब का सेवन बिलकुल न करें और अधिक मात्रा में कैफीन लेने से भी बचें।

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