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सोरायसिस मरीज दें स्किन को स्पेशल केयर, ना भूलें ये 5 टिप्स

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 22 Dec, 2018 04:52 PM
सोरायसिस मरीज दें स्किन को स्पेशल केयर, ना भूलें ये 5 टिप्स

सोरायसिस त्वचा की ऊपरी सतह पर होने वाला चर्म रोग है। सोरायसिस एक वंशानुगत बीमारी है लेकिन यह कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। बहुत सारे लोगों को लगता है कि यह बीमारी छूत की है लेकिन आपको बता दें किसोरायसिस कोई छूत की बीमारी नहीं हैं। 

 

क्या है सोरायसिस स्किन प्रॉब्लम?

यह रोग 100 में से केवल 1 या 2 प्रतिशत लोगों को ही होता है। यह स्किन की ऊपरी सतह पर होने वाला एक चर्म रोग है जिसे छाल रोग भी कहते हैं। यह एक वंशानुगत बीमारी है लेकिन अन्य कई कारणों से भी यह समस्या हो सकती है। इस रोग में त्वचा पर एक मोटी परत जम जाती है और लाल रंग की त्वचा के रूप में उभर जाती है। ज्यादातर यह सिर के बालों के पीछे, हाथ पैर, हथलियों या पीठ पर होता है।  इस समस्या में पीड़ित को त्वचा पर खुजली होने लगती है।

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कैसे होता है सोरायसिस?

हमारे शरीर में दिन-प्रतिदिन बहुत बदलाव आते हैं जिनमें से अधिकांश का हमें अंदाजा भी नहीं होता। जैसे हमारे नाखून, बाल बढ़ते हैं, ठीक वैसे ही हमारी त्वचा भी बदलती है। जब हमारे शरीर में पूरी नई त्वचा बनती है तो उस दौरान शरीर के एक हिस्से में नई त्वचा 3-4 दिन में ही बदल जाती है लेकिन सोरायसिस के दौरान त्वचा इतनी कमजोर और हल्की पड़ जाती है जिससे यह बनने से पहले ही खराब होने लगती है। प्रभावित स्किन पर लाल चकते और रक्त की बूंदें दिखाई देने लगती है।

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किन लोगों को होती है सोरायसिस की प्रॉब्लम ?

यह आनुवांशिक बीमारी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे चल सकती है। इसके अलावा पौष्टिक आहारों की कमी या जो लोग घी-तेल का बिलकुल सेवन नहीं करते उन्हें इस बीमारी का खतरा रहता है क्योंकि इससे स्किन को चिकनाई व मॉश्चराइज नहीं मिल पाता। बहुत ज्यादा तेज धूप में बाहर रहने वाले स्किन की केयर ना करना वाले लोगों को भी यह समस्या हो सकती है। 

 

सोरायसिस स्किन के संकेत

त्वचा पर छिल्केदार, लाल-लाल पपडि़यां जमना।

कोहनी, घुटनों, कमर पर ड्राईनेस से शुरुआत।

सर्दियों में स्किन ज्यादा ड्राई होना।
 

सोरायसिस होने पर क्या करें?

ऐसी समस्या होने पर स्किन स्पैशलिस्ट को जरूर दिखाएं और बताएं निर्देशों का पालन कर उपचार करवाएं।

तनाव रहित रहें और थ्रोट इंफैक्शन यानि गले के इंफैक्शन से बचाव करें क्योंकि यह सीधा सोरायसिस को प्रभावित कर रोग को बढ़ाता है। 

त्वचा को अधिक शुष्क होने से भी बचाएं ताकि खुजली न हो।

अगर अभी शुरुआत ही है तो मॉइस्चराइजिंग क्रीम का इस्तेमाल करते रहें। 

 

साथ में अपनाएं कुछ घरेलू टिप्स 

ऐसे में आप कुछ घरेलू टिप्स को भी फॉलो कर सकते हैं। ताकि स्किन को सही देखभाल मिल सकते हैं। 

 

मॉइश्चराइज साबुन का करें इस्तेमाल

नहाने के लिए हमेशा न्यूट्रल PH लेवल वाला साबुन या बॉडी वॉश इस्तेमाल करें। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है। हार्ड साबुन सोरायसिस की प्रॉब्लम को बढ़ा सकते हैं।

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ओटमील बाथ

इसके लिए एक कप ओटमील गुनगुने पानी में डाल दें और आप खुशबूदार तेल की कुछ बूंदें मिला सकते हैं। इससे नहाने से शुष्क, लाल दानों से भरी त्वचा, खुजली और जलन से राहत मिलेगी। नहाते समय त्वचा को कठोरता से रगड़े ना। 

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मॉश्चराइजर जरूर लगाएं

नहाने के बाद हमेशा अच्छा बॉडी लोशन का इस्तेमाल करें। इसके अलावा दिन में दो बार स्किन क्रीम या मॉश्चराइजर लगाएं। इससे त्वचा को भरपूर नमी मिलेगी।

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सही फैब्रिक का करें चुनाव

बहुत सारे लोगों को ऊनी कपड़ों से स्किन प्राॅब्लम्स रेशेज व खुजली की समस्या होती है। ठंड में सोरायसिस के रोगियों को ऊनी कपड़ों के नीचे कॉटन के पतले कपड़े पहनने चाहिए, जिससे ऐसी कोई दिक्कत का सामना उन्हें नहीं करना पड़ेगा।

धूप सेकें

पर्याप्त मात्रा में धूप ना मिलने से स्किन ड्राई हो सकती है इसलिए सुबह की धूप में समय बिताएं। इससे न सिर्फ आप को विटामिन-डी मिलेगा बल्कि इस समस्या से भी राहत मिलेगी।

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